बॉर्डर फिल्म में दिखाया गया झूठ! असल जिंदगी में जिंदा थे कर्नल धर्मवीर, पर्दे पर दिखाया गया था शहीद

Border Movie Truth: फिल्म 'बॉर्डर' में अक्षय खन्ना का किरदार असल में शहीद नहीं हुआ था। कर्नल धर्मवीर साल 2022 तक जीवित थे, लेकिन फिल्म के लिए उन्हें पर्दे पर मार दिया गया।
Akshaye Khanna And Colonel Dharamvir Border Movie
Akshaye Khanna And Colonel Dharamvir (फोटो क्रेडिट-इंस्टाग्राम)
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Border Film Untold Story: सिनेमा के पर्दे पर जब कोई कहानी देश की भावनाओं और इतिहास से जुड़ती है, तो वह दर्शकों के लिए केवल मनोरंजन नहीं रह जाती। साल 1997 में आई जेपी दत्ता की 'बॉर्डर' आज भी हर भारतीय की आंखों में आंसू और सीने में गर्व भर देती है। लेकिन जब आज 'बॉर्डर 2' की लहर चल रही है, तब एक ऐसी सच्चाई सामने आ रही है जिसे जानकर किसी भी सिनेप्रेमी का दिल टूट सकता है। फिल्म में अक्षय खन्ना द्वारा निभाया गया सेकेंड लेफ्टिनेंट धर्मवीर भाखरी का किरदार असल जिंदगी में रिटायर्ड कर्नल धर्मवीर से प्रेरित था, जिनका निधन साल 2022 में हुआ।

हकीकत यह है कि कर्नल धर्मवीर उस ऐतिहासिक जंग में शहीद नहीं हुए थे, बल्कि उन्होंने वीरता की नई गाथा लिखी थी।

कर्नल धर्मवीर और लोंगेवाला की वह ऐतिहासिक रात

1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान कर्नल धर्मवीर लोंगेवाला चौकी पर तैनात एक युवा अधिकारी थे। 4 दिसंबर की रात को पेट्रोलिंग के दौरान उन्होंने ही सबसे पहले पाकिस्तानी टैंकों की आवाज सुनी और मेजर कुलदीप सिंह चांदपुरी को अलर्ट किया। जेपी दत्ता की फिल्म में दिखाया गया कि अक्षय खन्ना का किरदार आखिर में शहीद हो जाता है, जबकि कर्नल धर्मवीर साल 2022 तक जीवित थे। उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया था कि लोंगेवाला पोस्ट पर मुट्ठी भर भारतीय जवानों ने रात भर पाकिस्तानी सेना को रोके रखा था और सुबह वायुसेना की मदद से दुश्मन के धुर्रे उड़ा दिए थे।

"सेंसर में फंसी फिल्म तो आया कर्नल साहब का ख्याल"

फिल्म 'बॉर्डर' को बनाने की तैयारी 1992 में शुरू हुई थी। जेपी दत्ता ने तब कर्नल धर्मवीर को फोन कर उनकी यादें साझा कीं, लेकिन उसके बाद पांच साल तक कोई संपर्क नहीं किया। लेखक सिद्धार्थ अरोड़ा 'सहर' के अनुसार, 1997 में जब फिल्म सेंसर बोर्ड में अटक गई, तब जेपी दत्ता को फिर से कर्नल साहब की याद आई। बोर्ड को एक 'कंसेंट लेटर' (सहमति पत्र) चाहिए था कि अक्षय खन्ना उनका किरदार निभा सकते हैं। कर्नल साहब इस बात से दुखी थे कि उन्हें फिल्म में मरा हुआ दिखाया जा रहा है, लेकिन अपनी पत्नी के कहने पर उन्होंने देशहित में फैक्स भेज दिया।

'बॉर्डर 2' और अधूरी रह गई उम्मीदें

कर्नल धर्मवीर ने एक बार अफसोस जताया था कि जिस फिल्म के लिए उन्होंने अपनी यादें और सहमति दी, उसके प्रीमियर तक में उन्हें नहीं बुलाया गया। फिल्म में पूजा भट्ट का किरदार (अक्षय खन्ना की मंगेतर) भी पूरी तरह काल्पनिक था, क्योंकि कर्नल साहब की पत्नी दिल्ली के दौलत राम कॉलेज से पढ़ी थीं और युद्ध के बाद ही उनकी मुलाकात हुई थी। अब 'बॉर्डर 2' में भी मेकर्स ने इस ऐतिहासिक गलती को सुधारने के बजाय, कर्नल धर्मवीर के किरदार को 'आत्मा' के रूप में दिखाकर केवल भावनाओं को कैश किया है।

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