Border 2 Surprise: 'बॉर्डर 2' में अक्षय खन्ना और सुनील शेट्टी का कैमियो देख इमोशनल हुए फैंस

Sunil Shetty Akshaye Khanna Cameo: बॉर्डर 2 में सुनील शेट्टी और अक्षय खन्ना का इमोशनल कैमियो! जानें फिल्म के उस सीन के बारे में जिसने दर्शकों को 1997 की याद दिला दी और बनाया रिकॉर्ड।
Suniel Shetty Akshaye Khanna Cameo in Border 2
Suniel Shetty Akshaye Khanna Cameo in Border 2 (फोटो क्रेडिट-इंस्टाग्राम)
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Border 2 Cameo: 23 जनवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई 'बॉर्डर 2' बॉक्स ऑफिस पर तूफ़ान लेकर आई है। फिल्म को न केवल शानदार रिव्यूज मिल रहे हैं, बल्कि इसने साल 2026 की 'बिगेस्ट ओपनर हिंदी फिल्म' का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया है। लेकिन इस फिल्म की सबसे बड़ी चर्चा उस सरप्राइज कैमियो को लेकर हो रही है, जिसने दर्शकों की आंखें नम कर दी हैं। 1997 की 'बॉर्डर' में शहीद हुए भैरव सिंह और धरमवीर की रूह एक बार फिर पर्दे पर नजर आई है।

फिल्म के अंत में एक ऐसा भावनात्मक क्षण आता है जो नई पीढ़ी की वीरता को पुरानी पीढ़ी के बलिदान से जोड़ देता है।

शहीद सैनिकों का वो 'रूहानी' ट्रिब्यूट

अक्सर युद्ध फिल्मों के सीक्वल में पुराने किरदारों की कमी खलती है, खासकर तब जब उन्हें पहले पार्ट में शहीद दिखाया गया हो। सुनील शेट्टी (भैरव सिंह) और अक्षय खन्ना (धरमवीर) के साथ भी यही चुनौती थी। फिल्म के क्लाइमैक्स में जब भारतीय सेना जंग जीत लेती है, तब सनी देओल का किरदार फतेह सिंह प्रार्थना कर रहा होता है। उसी समय वह आसमान की तरफ देखते हैं, जहां उन्हें 1971 की जंग में शहीद हुए अपने पुराने साथी दिखाई देते हैं। यह सीन 'बॉर्डर' (1997) के फुटेज का उपयोग कर बनाया गया है, जो दर्शकों को सीधा पुरानी यादों में ले जाता है।

पुरानी और नई जनरेशन का मिलन

यह कैमियो केवल कुछ सेकंड का है, लेकिन इसका प्रभाव बहुत गहरा है। पर्दे पर सुनील शेट्टी, अक्षय खन्ना और सुदेश बेरी को देखकर ऐसा महसूस होता है मानो वे शहीद होने के बाद भी 'बॉर्डर 2' की जीत को सलाम कर रहे हैं। इसी इमोशनल फ्रेम के तुरंत बाद फतेह सिंह (सनी देओल) के पास नई पीढ़ी के सिपाही निर्मलजीत सिंह (दिलजीत दोसांझ) और अहान शेट्टी पहुंचते हैं। यह सीन दर्शाता है कि देश की सुरक्षा की मशाल अब नए हाथों में है, लेकिन बलिदानों को कभी भुलाया नहीं जाएगा।

'मिट्टी के बेटे' ने बढ़ाई भावुकता

जैसे ही यह रूहानी कैमियो सीन पर्दे पर आता है, बैकग्राउंड में फिल्म का चर्चित गाना 'मिट्टी के बेटे' बजने लगता है। संगीत और दृश्यों का यह तालमेल दर्शकों को 1997 के उस दौर में वापस ले जाता है जब 'संदेशे आते हैं' ने पूरे देश को रुलाया था। फिल्म विशेषज्ञों का मानना है कि इस छोटे से कैमियो ने फिल्म की वैल्यू को कई गुना बढ़ा दिया है। अहान शेट्टी के लिए यह पल और भी खास है क्योंकि वे पर्दे पर अपने पिता सुनील शेट्टी के उसी वीर अवतार को सलाम करते दिख रहे हैं।

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