आप लोग ब्राह्मण हो या फिर आपके बाप..., फुले पर रोक से भड़के अनुराग कश्यप

Anurag Kashyap On Brahmin Community: बॉलीवुड से दूरी बना चुके फिल्म निर्माता अनुराग कश्यप ने फुले की रिलीज पर लगाई गई रोक को लेकर सेंसर बोर्ड पर निशाना साधा है, वो ब्राह्मण कम्युनिटी पर रोष जताते हुए नजर आ रहे हैं।
Anurag Kashyap On Brahmin Community For Phule Movie
फुले पर रोक से भड़के अनुराग कश्यप, ब्राह्मणों के खिलाफ कह दी ये बात
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Anurag Kashyap On Phule Movie: महाराष्ट्र में ब्राह्मण समुदाय ने फुले फिल्म को लेकर आपत्ति जताई थी, जिसके बाद सेंसर बोर्ड की तरफ से फिल्म के रिलीज पर रोक लगा दी गई है। अब अनुराग कश्यप ने फिल्म पर लगाई गई रोक को लेकर सेंसर बोर्ड पर निशाना साधा है उन्होंने ब्राह्मण समुदाय पर रोष जताया है, इतना ही नहीं उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र भी अपने नोट में किया है, फिल्म के रिलीज पर लगी रोक को लेकर नाराजगी जताते हुए अनुराग कश्यप ने भारत में जातिवाद को लेकर कड़ी आलोचना की है और तंज कसा है।

अनुराग कश्यप ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम में अकाउंट पर एक पोस्ट साझा की है, जिसमें उन्होंने लिखा है, धड़क 2 की स्क्रीनिंग में सेंसर बोर्ड ने बोला मोदी जी ने इंडिया में कास्ट सिस्टम खत्म कर दिया है। इस आधार पर संतोष फिल्म भी इंडिया में रिलीज नहीं हुई। अब ब्राह्मण को प्रॉब्लम है फुले से, भैया जब कास्ट सिस्टम ही नहीं है तो कहां का ब्राह्मण, कौन हो आप, आपकी क्यों सुलग रही है, जब कास्ट सिस्टम था नहीं तो ज्योतिबा फुले और सावित्रीबाई क्यों थे, या तो आपका ब्राह्मण एक्जिस्ट ही नहीं करता, क्योंकि मोदी जिनके हिसाब से इंडिया में कास्ट सिस्टम नहीं है, या सब लोग मिलकर सबको चुहिया बना रहे हो, भाई मिलकर डिसाइड कर लो इंडिया में कास्टीज्म है या नहीं, लोग चूतिया नहीं हैं। आप ब्राह्मण हो या फिर आपके बाप हैं, जो ऊपर बैठे हैं, डिसाइड कर लो।

कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि सेंसर बोर्ड ने ही पीएम मोदी के हवाले से यह कहा था कि भारत में कस्टिज्म खत्म हो गया है, लेकिन फुले फिल्म को रिलीज न होने देना जातिवाद की जिंदा मिसाल है और शायद यही कारण है कि अनुराग कश्यप अब पूछ रहे हैं कि जातिवाद है या नहीं। है तो इसे स्वीकार क्यों नहीं किया जाता और नहीं है तो फिर यह विरोध प्रदर्शन क्यों होते रहते हैं। फिल्मों में कुछ अनैतिक ना दिखाया जाए इसके लिए सेंसर बोर्ड है, लेकिन अतीत में जो खामियां हमारे समुदाय में हुई है, उसे जरूर दिखाया जाना चाहिए ताकि उससे आगे की पीढ़ियां जागरूक हो सकेगी।