

मुंबई: लोकसभा चुनाव में बीजेपी नीत महायुति को रोकने में सफल रहे पूर्व मुख्यमंत्री एवं शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र में अपनी सत्ता वापस लाने की तैयारियों में जुट गए हैं। इसके लिए उन्होंने महाराष्ट्र के 42 लोकसभा क्षेत्रों में 'शिव सर्वेक्षण अभियान' चलाया था। जिसके बाद उद्धव की शिवसेना ने 'मिशन मुंबई' पर अपना ध्यान केंद्रित कर दिया है। उद्धव ने मुंबई की 36 विधानसभा सीटों पर पकड़ मजबूत करने का रोड मैप तय करने के मकसद से अपने निवास 'मातोश्री' पर पार्टी के प्रमुख नेताओं एवं पदाधिकारियों की बैठक बुलाई थी।
इस बैठक में 'शिव सर्वेक्षण अभियान' के दौरान नियुक्त पदाधिकारियों से चर्चा की गई। बैठक में हुई चर्चा के आधार पर उद्धव ने मुंबई की 36 सीटों की जिम्मेदारी 18 नेताओं और 18 सहायकों को सौंपी है। प्रत्येक नेता को दो विधानसभा क्षेत्रों के सर्वेक्षण की जिम्मेदारी दी गई है। इस सभी पदाधिकारियों को अपनी सर्वे रिपोर्ट 25 अगस्त तक उद्धव ठाकरे को सौंपने का निर्देश दिया गया है।
बता दें कि लोकसभा चुनाव में शिव सर्वेक्षण अभियान का लाभ उद्धव की पार्टी को हुआ था। इसलिए उद्धव ने एक बार फिर से विधानसभा के लिए लोकसभा की तर्ज पर तैयारी शुरू की है। उद्धव ठाकरे की शिवसेना विपक्षी गठबंधन महा विकास आघाड़ी में कांग्रेस और शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस के साथ शामिल है। महाराष्ट्र विधानसभा का चुनाव महा विकास आघाड़ी के घटक दल साथ मिलकर लड़ेंगे। इसके लिए अभी तक सीट शेयरिंग की बात नहीं हुई है, लेकिन उद्धव ठाकरे ने विधानसभा वार चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है।
विनायक राऊत- वर्ली, दादर, माहिम अनिल देसाई- जोगेश्वरी, अंधेरी अनिल परब- मागाठाणे, दहिसर राजन विचारे- विलेपार्ले, कलिना मिलिंद नार्वेकर- दिंडोशी, गोरेगांव सुनील प्रभु- मुलुंड, भांडुप अजय चौधरी- चेंबूर, अणुशक्तिनगर सचिन अहीर- कोलाबा, मुंबा देवी विलास पोतनिस- शिवडी, मालाबार हिल वरुण सरदेसाई- सायन कोलीवाड़ा, धारावी सुनील शिंदे - विक्रोली, घाटकोपर (पीयू) दत्ता दलवी- कुर्ला, चांदिवली मनोज जामसुतकर - चारकोप, मालाड विनोद घोसालकर- वडाला, भायखला अमोल कीर्तीकर-, घाटकोपर (पश्चिम), मानखुर्द-शिवाजी नगर