महाविकास आघाडी में राज्यसभा को लेकर घमासान! उद्धव दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान से करेंगे बात, पवार पर फंसा पेंच

Maharashtra Rajya Sabha Election 2026: महाराष्ट्र में महा विकास आघाडी (MVA) के भीतर राज्यसभा और विधान परिषद की सीटों के बंटवारे को लेकर सियासी घमासान तेज है।
The Maha Vikas Aghadi is in a turmoil over the Rajya Sabha elections! Uddhav will speak to the Congress high command in Delhi
शरद पवार, उद्धव ठाकरे, राहुल गांधी (Image- Social Media)
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Maharashtra Politics: महाराष्ट्र में महा विकास आघाडी (MVA) के भीतर राज्यसभा और विधान परिषद सीटों के बंटवारे को लेकर सियासी समीकरण बदल रहे हैं। राज्यसभा और विधान परिषद की सीटों पर बंटवारे को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है, जहां कांग्रेस, शिवसेना (उद्धव गुट), और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के बीच सीटों को लेकर मंथन जारी है। खासकर, उद्धव ठाकरे ने अपनी रणनीति में बदलाव करते हुए सीधे कांग्रेस हाईकमान से चर्चा करने की योजना बनाई है, जिससे शरद पवार के गुट की अनदेखी की खबरें सामने आ रही हैं।

राज्यसभा चुनाव पर मंथन

आगामी 16 मार्च को राज्यसभा की 7 सीटों पर मतदान होने हैं, जिसमें 36 वोटों का कोटा तय किया गया है। MVA के पास करीब 50 विधायक हैं, ऐसे में इस गठबंधन के लिए राज्यसभा की एक सीट जीतना लगभग तय माना जा रहा है। हालांकि, सीटों के बंटवारे को लेकर पार्टी के भीतर ही विवाद और मतभेद गहरे हो गए हैं। कांग्रेस और शिवसेना (UBT) दोनों अपनी-अपनी दावेदारी मजबूत करने में जुटे हैं। खासतौर से, शिवसेना (उद्धव गुट) की ओर से प्रियंका चतुर्वेदी को दोबारा राज्यसभा भेजने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन कांग्रेस भी राज्यसभा में अपनी 2 सीटों की दावेदारी पेश कर रही है। इस स्थिति में यह समीकरण सुलझाना मुश्किल हो रहा है, और पार्टी के भीतर "एक अनार और कई बीमार" जैसी स्थिति बन गई है।

विधान परिषद की सीटों पर बातचीत

इसके साथ ही विधान परिषद की 9 सीटों को लेकर भी बातचीत जारी है। अगले महीने परिषद की ये सीटें खाली होने जा रही हैं, जहां 29 वोटों की आवश्यकता होगी। MVA को परिषद में भी कम से कम एक सीट जीतने का भरोसा है, लेकिन इसके लिए गठबंधन में सीटों का बंटवारा अहम होगा।

राज्यसभा में दावेदारों का मंथन

राज्यसभा की 7 सीटों में से एक सीट शरद पवार के पास है, लेकिन उनकी उच्च सदन में फिर से वापसी पर अभी स्थिति साफ नहीं है। वहीं, उद्धव ठाकरे के पास भी एक सीट है, लेकिन इस सीट के लिए भी कई दावेदार हैं, खासकर प्रियंका चतुर्वेदी की दावेदारी को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है।

इस सियासी समीकरण को लेकर MVA के भीतर खींचतान बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं, और सीटों के बंटवारे को लेकर किसी भी प्रकार के समझौते तक पहुंचने में मुश्किलें आ सकती हैं। शरद पवार के गुट की अनदेखी और कांग्रेस की सीटों की मांग ने गठबंधन के भीतर असहमति और तनाव को बढ़ा दिया है।

राज्यसभा और विधान परिषद की सीटों के लिए MVA के भीतर बंटवारे की स्थिति में अब तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है, और पार्टी के भीतर मतभेदों का बढ़ना गठबंधन के लिए चुनौती बन सकता है। उद्धव ठाकरे और कांग्रेस हाईकमान के बीच सीधी बातचीत से इस सियासी तकरार में और भी उलझाव हो सकता है।

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