उद्धव का साथ छोड़ अब शिवसेना-BJP संग जाएगी मनसे? राज-एकनाथ शिंदे की 'सीक्रेट' मुलाकात से उद्धव खेमे में बेचैनी

Maharashtra Politics: मनपा चुनाव में हार के बाद पहली बार राज ठाकरे ने एकनाथ शिंदे से 'नंदनवन' में बंद कमरे में मुलाकात की। इस बैठक के बाद से उद्धव ठाकरे गुट में बेचैनी बढ़ गई है।
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उद्धव ठाकरे, राज ठाकरे व एकनाथ शिंदे (डिजाइन फोटो)
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Raj Thackeray Eknath Shinde Meeting: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे बुधवार को अचानक डिप्टी चीफ मिनिस्टर एकनाथ शिंदे से मिलने पहुंच गए। मनसे प्रमुख राज ने शिंदे के आधिकारिक निवास नंदनवन जाकर उनसे मुलाकात की। बताया गया कि दोनों नेताओं के बीच बंद कमरे में लगभग 1 घंटे तक चली मुलाकात से राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। वैसे राज ठाकरे और एकनाथ शिंदे पहले भी मिलते रहे हैं। लेकिन दोनों ठाकरे भाइयों के साथ आने के बाद यह पहली बार है, जब राज ठाकरे एकनाथ शिंदे से मिले हैं।

मनपा चुनाव के बाद पहली मुलाकात

हाल ही में राज्य भर में हुए मनपा चुनाव के पहले दोनों ठाकरे बंधु एक साथ आ गए थे। ठाकरे भाइयों ने गठबंधन कर मनपा चुनाव भी लड़ा लेकिन महायुती के सामने उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा। बीएमसी सहित अन्य मनपा चुनाव में उद्धव व राज ने सीएम फडणवीस एवं डीसीएम एकनाथ शिंदे को जमकर कोसा था।

Raj Thackeray Eknath Shinde Meeting
राज ठाकरे व एकनाथ शिंदे की मुलाकात की तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)

राज बदलते रहते हैं भूमिका

अब अचानक इस मुलाकात के अलग राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। वैसे मनसे प्रमुख राज ठाकरे बार बार अपनी भूमिका बदलने के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में मनपा का रिजल्ट आने के बाद MNS ने कल्याण-डोंबिवली मनपा में शिंदे की शिवसेना को सपोर्ट कर दिया। इससे नाराज उबाठा नेता संजय राउत ने मनसे की कड़ी आलोचना की। लेकिन दूसरी तरफ, शिवसेना उबाठा ने चंद्रपुर में BJP को सपोर्ट कर दिया। इससे ठाकरे के अलायंस में कलह सामने आ गई।

यूबीटी से साथ का नहीं मिला लाभ

बीएमसी सहित राज्य की अन्य मनपा चुनाव में शिवसेना यूबीटी के साथ गठबंधन का कोई लाभ मनसे को नहीं मिला।उल्टे मुंबई मनपा में मनसे का साथ लेकर शिवसेना यूबीटी 65 सीटें जीतने में सफल रही, जबकि मनसे को मात्र 6 सीटें ही मिलीं हैं। ठाकरे बंधुओं का एलायंस मुंबई की सत्ता से काफी दूर रहा। चर्चा है कि मनसे अब यूबीटी से हटकर अपनी भूमिका अपनाना चाहती है। बीएमसी से लेकर राज्य की सत्ता में एकनाथ शिंदे बीजेपी के साथ मुख्य रूप से सहभागी हैं।

शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे तो एकनाथ शिंदे को अपना दुश्मन नंबर 1 मानते हैं। शिंदे की वजह से ही उन्हें पार्टी, नाम, निशान और सत्ता से हाथ धोना पड़ा है। ऐसे वक्त पर मनसे प्रमुख राज ठाकरे और एकनाथ शिंदे की मुलाकात को एक अलग राजनीतिक नजरिए से भी देखा जा रहा है। शिंदे और राज की मुलाकात पर अब यूबीटी क्या भूमिका अपनाती है,इस पर भी लोगों की नजरें लगी हुई हैं।

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