

Delhi Car Blast Update: दिल्ली में 10 नवंबर को आतंकियों ने कार में ब्लास्ट किया था, जिसमें 15 लोगों की मौत हो गई है। कई लोग घायल हैं। अब ब्लास्ट को लेकर एजेंसियों की जांच में रोज नए-नए खुलासे हो रहे।
ब्लास्ट वाली कार के ड्राइवर डॉ. उमर का सेल्फ रिकॉर्डेड वीडियो वायरल है। इसमें वह अपने हमले की साजिश को सही ठहराने की कोशिश कर रहा और इसे शहादत ऑपरेशन बता रहा है। इस वीडियो पर ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शाहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा कि ऐसी दलीलें इस्लाम के मूल सिद्धांतों के खिलाफ हैं।
मौलाना शाहाबुद्दीन ने कहा कि डॉ. उमर मोहम्मद ने जिस तरीके से सुसाइड बॉम्बिंग को जायज ठहराने की कोशिश की है, वह इस्लाम के बुनियादी सिद्धांतों के खिलाफ है। यह बिल्कुल गलत है। कोई भी इसका समर्थन नहीं कर सकता। बरेलवी ने कहा कि आतंकवाद इस्लाम का हिस्सा नहीं है। इस्लाम बेगुनाह के कत्ल हत्या की इजाजत नहीं देता। कुरान कहता है कि शख्स का कत्ल पूरी इंसानियत के कत्ल के बराबर है। डॉ. उमर ने इसका उल्लंघन किया है। इस्लाम खुदकुशी को मना करता और ऐसा करना हराम है। इस्लाम में न दूसरों को मारने की इजाजत है, न खुद को और न ऐसे कामों को करने के लिए उकसाने की। इस्लाम इंसानियत की बात करता है। ऐसे काम इस्लाम में हराम हैं।
आतंकी डॉ. उमर अपने वीडियो में कहता है कि सबसे गलत समझे जाने वाले कॉन्सेप्ट्स में से एक है सुसाइड बॉम्बिंग। इसे इस्लाम में शहादत ऑपरेशन कहा जाता है। इसके खिलाफ कई तर्क दिए जाते हैं। वीडियो में वह यह भी बताता है कि शहादत ऑपरेशन वह होता है, जब कोई शख्स मान ले कि वह किसी खास जगह और समय पर निश्चित रूप से मरने जा रहा है।
जांच अधिकारियों को संदेह है कि आतंकी उमर ने यह वीडियो लोगों का ब्रेनवॉश करने के इरादे से बनाया था। 10 नवंबर को दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास कार ब्लास्ट में 15 लोगों की मौत हुई है। कई घायल हुए थे। यह कार डॉ. उमर चला रहा था, जो फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी का डॉक्टर था।
डॉ. उमर जम्मू-कश्मीर के पुलवामा के कोइल गांव का रहने वाला था। उसके परिवार के अनुसार वह बेहद शांत, कम बोलने वाला और पढ़ाई में डूबा रहने वाला था। पुलिस रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ महीनों से उसका व्यवहार बदल गया था। वह 30 अक्टूबर से यूनिवर्सिटी से गायब था। फरीदाबाद और दिल्ली के बीच लगातार आवाजाही कर रहा था। वह रामलीला मैदान और सुनहरी मस्जिद के पास की मस्जिदों में कई बार जाता देखा गया।