

Imran Masood on Delhi Blast: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से कांग्रेस के लोकसभा सांसद इमरान मसूद ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में लाल किले के पास हुए ब्लास्ट मामले में आत्मघाती हमलावर डॉ. उमर मोहम्मद नबी का बचाव किया है और उसे रास्ते से भटका हुआ युवक करार दिया है। साथ ही सांसद ने यह भी आरोप लगाया है कि सरकार अल-फलाह यूनिवर्सिटी जैसे अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थानों को जानबूझकर नष्ट करने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस सांसद की इस टिप्पणी से राजनीतिक विवाद पैदा हो गया है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार अल्पसंख्यकों को परेशान करने का काम कर रही है।
मंगलवार को उमर का एक नया वीडियो सामने आया, जिसमें उसने आत्मघाती बम विस्फोट को सही ठहराने की कोशिश की है। इस वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस सांसद ने कहा, "जो वीडियो आया है, मैं उससे सहमत नहीं हूं।" मसूद ने कहा, “यह जो कहा जा रहा है कि उसने फिदायीन हमले को जस्टिफाई किया, यह बिल्कुल गलत है। खुदकुशी किसी भी सूरत में इस्लाम में स्वीकार्य नहीं है, यह हराम है। आप निर्दोष लोगों को मार रहे हो, यह इस्लाम नहीं सिखाता। ये भटके हुए लोग हैं और इनसे इस्लाम की सही तस्वीर नहीं पेश होती, न ही ये इस्लाम का रास्ता है।"
कांग्रेस सांसद ने कहा कि हमारा धर्म हमें अपने देश से प्यार करना सिखाता है। इस घटना का इस्लाम से कोई संबंध नहीं है, और ये गुमराह लोग हैं। इन गुमराह लोगों की बातें इस्लाम की सही तस्वीर पेश नहीं कर सकतीं। उनके इस बयान पर सियासी विवाद खड़ा हो गया है। लोग सोशल मीडिया पर उनकी तीखी आलोचना कर रहे हैं और प्रतिक्रिया दे रहे हैं। भाजपा ने इस बयान को आतंकवाद का समर्थन करने वाला बयान करार दिया है।
पिछले हफ्ते दिल्ली में हुए धमाके में अब तक 15 लोगों की जान जा चुकी है। इस बीच, राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) ने इस मामले में आत्मघाती हमलावर उमर उन नबी के सक्रिय सह-साजिशकर्ता जसीर बिलाल को मंगलवार को दिल्ली की एक अदालत में पेश किया। आतंकवाद रोधी एजेंसी ने एक बयान में कहा कि अनंतनाग के काजीगुंड निवासी वानी को सोमवार को श्रीनगर से गिरफ्तार किया गया और उसने कथित तौर पर ड्रोन में बदलाव करके और घातक कार बम विस्फोट से पहले रॉकेट बनाने का प्रयास करके आतंकवादी हमलों को अंजाम देने के लिए तकनीकी सहायता प्रदान की थी।
वानी को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अंजू बजाज चांदना की अदालत में पेश किया गया। एजेंसी उसकी हिरासत की मांग कर सकती है। एनआईए ने सोमवार को एक बयान में वानी को हमले का सक्रिय सह-साजिशकर्ता बताया, जिसने आतंकी हमलों की साजिश रचने के लिए आतंकवादी उमर उन नबी के साथ मिलकर काम किया।