शर्टलेस प्रदर्शन का Gen-Z कनेक्शन...नेपाल वाले आंदोलन से प्रेरित था IYC प्रोटेस्ट, पुलिस के दावे से मचा हड़कंप

Youth Congress Protest: दिल्ली में आयोजित AI समिट में शर्टलेस प्रोटेस्ट करने वाले IYC कार्यकर्ताओं की कस्टडी मांगते हुए दिल्ली पुलिस ने कहा कि यह प्रदर्शन नेपाल के Gen-Z प्रोटेस्ट से प्रेरित था
gen z connection behind shirtless protest inspired by nepal movement police claim
AI समिट में प्रदर्शन करते हुए IYC कार्यकर्ता (सोर्स- सोशल मीडिया)
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IYC Protest: राजधानी दिल्ली में आयोजित AI समिट में शर्टलेस प्रोटेस्ट करने वाले यूथ कांग्रेस के वर्कर्स को कोर्ट ने पांच दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया। चारों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया और दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को बताया कि प्रोटेस्ट करने वाले नेपाल में Gen-Z मूवमेंट से इंस्पायर्ड थे।

आपको बता दें कि हाल ही में नेपाल में Gen-Z मूवमेंट की वजह से वहां की सरकार गिर गई थी। यही वजह है कि कोर्ट में दिल्ली पुलिस के इस दावे के बाद देश की सियासत में नया बवाल मचने के आसार दिखाई दे रहे हैं। कहा जा रहा है कि दिल्ली पुलिस मामले को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रही है।

Gen-Z प्रोटेस्ट से प्रेरित था प्रदर्शन

यूथ कांग्रेस लीडर्स की कस्टडी मांगते हुए पुलिस ने कोर्ट को बताया कि यह एक बड़ी साजिश थी और उन्होंने नेपाल में Gen-Z प्रोटेस्ट से प्रेरणा ली थी। आरोपियों का आमना-सामना कराना है और डिजिटल सबूतों की जांच करनी है। जिसके बाद कोर्ट ने पांच दिन की पुलिस कस्टडी दे दी।

आरोपियों के वकील ने क्या कहा?

आरोपी के वकील ने कहा कि प्रोटेस्ट शांतिपूर्ण था और किसी भी वीडियो में कोई हिंसा नहीं दिख रही थी। सभी कथित अपराधों में सात साल तक की सजा हो सकती है। आरोपी के वकील ने कहा कि FIR एक पॉलिटिकल चाल से ज्यादा कुछ नहीं है। वकील ने यह भी कहा कि वे पढ़े-लिखे हैं और उनके पास डिग्री है। इस बीच सरकारी वकील ने कहा कि आरोपियों ने देश विरोधी नारे लगाए और PM विरोधी मैसेज वाली टी-शर्ट पहनी थी। आरोपियों के लिए पांच दिन की कस्टडी मांगते हुए दिल्ली पुलिस ने कहा कि देश विरोधी नारे इंटरनेशनल नेताओं और जानी-मानी हस्तियों की मौजूदगी में लगाए गए थे।

कोर्ट के सवाल पर क्या बोली पुलिस?

कोर्ट ने जांच अधिकारी से पूछा कि पांच दिन की कस्टडी की क्या जरूरत है। जांच अधिकारी ने कहा कि एक गहरी साजिश थी, दूसरे आरोपी मौके से भाग गए हैं और सही जांच के लिए कस्टडी की जरूरत है। आरोपियों के वकील ने कहा कि ऐसा कोई सबूत नहीं है जिससे पता चले कि विरोध शांतिपूर्ण नहीं था।

किसने की प्रदर्शनकारियों की फंडिंग?

दूसरी तरफ अदालत में प्रॉसिक्यूशन ने जमानत अर्जी का पुरजोर विरोध किया। दिल्ली पुलिस ने कोर्ट से यह भी कहा कि प्रदर्शनकारियों के फंडिंग की भी जांच होगी। पुलिस ने यह भी पता लगना पड़ेगा कि जो टीशर्ट इन कार्यकर्ताओं ने पहनी थी उसे किसने फाइनेंस किया।

आपको बता दें कि बीते कल यानी शुक्रवार को इंडियन यूथ कांग्रेस के नेताओं की टी शर्ट पर पीएम इज कॉम्प्रोमाइज्ड, इंडिया अमेरिका ट्रेड डील और एप्स्टीन फाइल्स जैसे मैसेज लिखे हुए थे। इतना ही नहीं कई नेताओं ने अपनी टी-शर्ट उतारकर भारत मंडपम में आयोजित एआई समिट में प्रदर्शन किया था।

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