
आतंकी डॉक्टर उमर, फोटो- सोशल मीडिया
Delhi Blast Latest Update: देश की राजधानी दिल्ली में 10 नवंबर को लाल किले के पास कार ब्लास्ट को अंजाम देने वाले आतंकी डॉ. उमर मोहम्मद को लेकर दो नए खुलासे हुए हैं। जांच एजेंसियों ने बताया है कि पाकिस्तानी हैंडलर ने उसे पूरी तरह से ब्रेनवॉश कर आत्मघाती हमला करने के लिए उकसाया था।
लाल किले के पास बम धमाका करने की योजना पाकिस्तानी हैंडलर के कहने पर कई दिनों पहले ही डॉ. उमर बना चुका था। सूत्रों के मुताबिक, 30 अक्तूबर को यूनिवर्सिटी से भागने से ठीक पहले, उमर ने संभवतः अपने कमरे में एक वीडियो बनाया था।
अधिकारियों का मानना है कि मंगलवार को वायरल हुए इस 1:20 मिनट के वीडियो को सुनकर यह स्पष्ट हो जाता है कि आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के पाकिस्तानी हैंडलर ने उसका पूरी तरह से ब्रेनवॉश कर दिया था। उसे यह निर्देश दिया गया था कि उसे आत्मघाती हमला करना है। धमाका करने से पहले बनाए गए इस वीडियो में उसके चेहरे पर कोई शिकन (तनाव) दिखाई नहीं देती है। यह भी सामने आया है कि इस वीडियो में उसकी अंग्रेजी भाषा पर पकड़ काफी बेहतर सुनाई दे रही है।
जांच में दूसरा बड़ा खुलासा डॉ. उमर के रहस्यमय ढंग से गायब होने से जुड़ा है। साथी डॉक्टरों ने बताया कि साल 2023 के दौरान, डॉ. उमर लगभग छह महीने के लिए अस्पताल से चला गया था। इस अवधि के दौरान किसी को भी यह जानकारी नहीं थी कि वह कहां गया था। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि छह महीने की लंबी अनुपस्थिति के बावजूद, यूनिवर्सिटी ने उसे नौकरी से नहीं निकाला। लगभग छह महीने बाद, वह अस्पताल लौट आया और वापस अपनी ड्यूटी जॉइन कर ली। जूनियर व छात्र होने के चलते कोई उससे पूछ नहीं सकता था कि वह कहाँ गया था। डॉ. उमर और मुजम्मिल के बैचमेट सीनियर डॉक्टरों को भी उसके आने-जाने की जानकारी नहीं थी।
दिल्ली धमाके के आरोपी आतंकी डॉ. उमर नबी को नूंह की हिदायत कॉलोनी में कमरा उपलब्ध कराने के आरोप में जाँच एजेंसियों ने एक महिला को हिरासत में लिया है। जाँच एजेंसियां कई दिनों से नूंह में पड़ताल कर रही हैं। सूत्र बताते हैं कि लगभग 35 वर्षीय इस महिला को बीती रात एनआईए टीम ने पकड़ा। इस महिला का निकाह राजस्थान में हुआ है। हालांकि, अधिकारियों ने आरोपी महिला को हिरासत में लेने की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की है।
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इसके अलावा, यह सवाल भी उठ रहा है कि अगर अल फलाह यूनिवर्सिटी का व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल से कोई संबंध नहीं था, तो लाल किला पर बम धमाका करने वाले डॉ. उमर को इतनी छूट क्यों दी जा रही थी। दो डॉक्टरों ने बताया कि डॉ. उमर शुरू से ही कम क्लास लेता था, वह सप्ताह में केवल एक या दो लेक्चर लेता था, जो सिर्फ 15-20 मिनट के होते थे। अल-फलाह यूनिवर्सिटी मामले में बड़ा एक्शन लेते हुए चेयरमैन जावद अहमद सिद्दीकी को 13 दिन की ईडी रिमांड पर लिया गया है।






