

Mumbai Beautification Plan BMC: मुंबई की नव-नियुक्त महापौर रितु तावड़े ने शहर के सौंदर्यीकरण और बुनियादी ढांचे को लेकर एक बड़ा कदम उठाया है। दहिसर चेक नाका (टोल प्लाजा) के दौरे के दौरान उन्होंने घोषणा की है कि मुंबई के सभी पांच प्रवेश बिंदुओं (Entry Points) पर भव्य और सुंदर 'प्रवेश द्वार' बनाए जाएंगे। यह पहल न केवल मुंबई की अंतरराष्ट्रीय छवि को निखारेगी, बल्कि शहर में प्रवेश करने वाले आगंतुकों का स्वागत एक भव्य अनुभव के साथ करेगी।
रितु तावड़े ने स्पष्ट किया कि इन द्वारों का निर्माण मुंबई के ऐतिहासिक और आधुनिक स्वरूप को ध्यान में रखकर किया जाएगा। दहिसर के अलावा वाशी, ऐरोली, मुलुंड (LBS मार्ग) और मुलुंड (ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे) चेक नाकों पर भी इसी तरह के द्वार बनाए जाने की योजना है। इस परियोजना के माध्यम से नगर निगम का उद्देश्य मुंबई की सीमाओं को स्पष्ट पहचान देना और सौंदर्यीकरण अभियान को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है।
मुंबई के प्रवेश द्वारों का विकास केवल निर्माण तक सीमित नहीं होगा, बल्कि इसके साथ कई अन्य सुविधाएं भी जोड़ी जाएंगी:
थीम-आधारित वास्तुकला: प्रत्येक द्वार की बनावट मुंबई की समृद्ध संस्कृति और विरासत को प्रदर्शित करेगी।
एलईडी लाइटिंग और डिजिटल साइनेज: रात के समय इन द्वारों को आकर्षक बनाने के लिए अत्याधुनिक एलईडी लाइटिंग और डिजिटल स्वागत बोर्ड लगाए जाएंगे।
लैंडस्केपिंग और हरियाली: प्रवेश द्वारों के आसपास के क्षेत्रों को फूलों की क्यारियों और छोटे उद्यानों से सजाया जाएगा।
यात्री सुविधाएं: प्रवेश बिंदुओं पर बेहतर बुनियादी ढांचा तैयार किया जाएगा ताकि ट्रैफिक सुचारू रहे और यात्रियों को कोई असुविधा न हो।
दहिसर चेक नाका मुंबई के सबसे व्यस्त प्रवेश बिंदुओं में से एक है। महापौर ने यहाँ निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रवेश द्वार के निर्माण के साथ-साथ यहाँ की सड़कों और फुटपाथों की स्थिति में भी सुधार किया जाए। उन्होंने जोर दिया कि प्रवेश द्वार ऐसा होना चाहिए जो मुंबई की 'गेटवे ऑफ इंडिया' वाली पहचान को प्रतिबिंबित करे। यह प्रोजेक्ट मुंबई नगर निगम (BMC) के आगामी बजट का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकता है, जिससे शहर के पर्यटन और शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा।
महापौर रितु तावड़े के साथ इस दौरे में नगर निगम के वरिष्ठ अभियंता और नियोजन विभाग के अधिकारी भी शामिल थे। महापौर ने इस बात पर जोर दिया कि इन द्वारों के निर्माण में यातायात की भीड़भाड़ का विशेष ध्यान रखा जाए ताकि निर्माण प्रक्रिया से सामान्य नागरिकों को परेशानी न हो। उन्होंने यह भी कहा कि "मुंबई एक वैश्विक शहर है, और इसका प्रवेश द्वार इसके गौरव के अनुरूप होना चाहिए।" प्रशासन जल्द ही इन पांचों द्वारों के लिए डिजाइन और टेंडर की प्रक्रिया शुरू करेगा।