Delhi Assembly Session: आतिशी सहित 13 AAP विधायकों के सस्पेंशन के बाद CAG की रिपोर्ट पेश, सीएम बोलीं-पिछली सरका...

सदन के अंदर बाबा साहेब अंबेडकर की सीएम आवास से तस्वीर हटाने को लेकर आप विधायकों ने नारेबाजी की। जिसके बाद आप विधायकों पर कार्रवाई हुई। इसके बाद रेखा ने CAG की रिपोर्ट सदन में पेश किया।
अतिशी समेत AAP के 22 विधायक सस्पेंड, दिल्ली विधानसभा में कर रहे थे हंगामा
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नई दिल्लीः दिल्ली विधानसभा का सत्र उम्मीदों के अनुरूप हंगामे के साथ शुरू हुआ। सदन के अंदर बाबा साहेब अंबेडकर की सीएम आवास से तस्वीर हटाने को लेकर आप विधायकों ने नारेबाजी की। इसके बाद नेता विपक्ष आतिशी सहित 13 विधायकों को दिन भर के लिए निलंबित कर दिया गया। ये नेता उप-राज्यपाल (LG) वीके सक्सेना के भाषण के दौरान मोदी-मोदी के नारे लगा रहे थे। मार्शलों ने सभी को सदन से बाहर निकाला।

इसके बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विधानसभा में CAG की रिपोर्ट पेश की। दिल्ली सरकार की ओर से CAG की सभी 14 पेंडिंग रिपोर्टों को  पेश किया गया।  रिपोर्ट में बताया गया है कि आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार की गलत शराब नीति से दिल्ली को 2026 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने सीएजी की रिपोर्ट विधानसभा में पेश करने के बाद कहा कि पिछली सरकार ने सीएजी की रिपोर्ट को रोका था। वहीं आतिशी ने सदन के बाहर मुख्यमंत्री आवास से भगत सिंह और अंबेडकर की फोटो हटाने पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि क्या PM मोदी बाबा साहेब अंबेडकर से बड़े हैं? उन्होंने दिल्ली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा का असली चेहरा सबके सामने आ गया है।

दिल्ली विधानसभा में शराब घोटाले और 'शीशमहल' पर CAG की रिपोर्ट पेश कर दी गई है। इन रिपोर्ट्स को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पेश किया है। इन रिपोर्ट्स में कई बड़े खुलासे हुए हैं। एक तरफ शराब घोटाले से जुड़ी रिपोर्ट में बताया गया है कि शराब नीति में बदलाव से हजारों करोड़ का नुकसान हुआ तो वहीं, दूसरी तरफ 'शीशमहल' को लेकर बताया गया कि इसमें जरूरत से कहीं ज्यादा पैसे खर्च किए गए।

बता दें कि शीशहमल से जुड़ी सीएजी की रिपोर्ट में कहा गया है कि 6 फ्लैग स्टाफ रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास में बदलाव व रिपेयर के नाम पीडब्ल्यूडी ने टाइप VII और VIII आवास/बंगलों के लिए केंद्रीय लोक निर्माण विभाग के प्रकाशित प्लिंथ एरिया दरों को अपनाते हुए ₹ 7.91 करोड़ का प्रारंभिक अनुमान तैयार किया था। विभाग के द्वारा इसे अति आवश्यक घोषित किया गया। इसके बाद अनुमानित लागत जो 13.21 फीसदी ज्यादा ₹8.62 करोड़ आवंटित किया गया। इसके बावजूद लागत में 342.31 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। यह पूरा काम 33.66 करोड़ रूपये में संपन्न हुआ।

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