- Hindi News »
- Delhi »
- Public Interest Litigation Seeking Admission Of Rohingya Refugee Children In Schools Rejected
रोहिंग्या शरणार्थी बच्चों को स्कूल में प्रवेश देने की मांग करने वाली जनहित याचिका खारिज, गृह मंत्रालय लेगा फैसला
मुख्य न्यायाधीश मनमोहन और न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की अध्यक्षता वाली पीठ ने याचिकाकर्ता को बिना आधार कार्ड के एमसीडी स्कूलों में रोहिंग्या बच्चों के प्रवेश के संबंध में गृह मंत्रालय के समक्ष अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया। अदालत ने याचिका का निपटारा करते हुए इस बात पर जोर दिया कि सरकार को इस मुद्दे का यथासंभव शीघ्र समाधान करना चाहिए।
- Written By: विजय कुमार तिवारी

दिल्ली उच्च न्यायालय व गृह मंत्रालय (डिजाइन फोटो)
नई दिल्ली : दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को म्यांमार से आए रोहिंग्या शरणार्थी बच्चों को आधार कार्ड न होने के कारण स्कूल में प्रवेश न देने को चुनौती देने वाली जनहित याचिका (पीआईएल) पर विचार करने से इनकार कर दिया और याचिकाकर्ता एनजीओ को इस संबंध में गृह मंत्रालय (एमएचए) के समक्ष अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया।
मुख्य न्यायाधीश मनमोहन और न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की अध्यक्षता वाली पीठ ने याचिकाकर्ता को बिना आधार कार्ड के एमसीडी स्कूलों में रोहिंग्या बच्चों के प्रवेश के संबंध में गृह मंत्रालय के समक्ष अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया। अदालत ने याचिका का निपटारा करते हुए इस बात पर जोर दिया कि सरकार को इस मुद्दे का यथासंभव शीघ्र समाधान करना चाहिए।
सुनवाई के दौरान पीठ ने कहा, “मुद्दा यह है कि असम में निष्कासन के लिए कानून है और यहां आप उनके रहने की सुविधा दे रहे हैं। कृपया अपना पक्ष रखें और मामले में सरकार को फैसला करने दें। हम इसकी अनुमति नहीं दे सकते। किसी भी देश में कोई भी अदालत यह निर्धारित नहीं करती कि किसे नागरिकता दी जाए। जो आप सीधे नहीं कर सकते, उसे आप अप्रत्यक्ष रूप से करने का प्रयास कर रहे हैं। सबसे पहले, उचित अधिकारियों से संपर्क करें। आप इसके लिए अदालती प्रक्रिया का उपयोग नहीं कर सकते। उन्हें भारतीय के रूप में मान्यता दी जानी चाहिए; हम यह जिम्मेदारी नहीं ले सकते। इस तथ्य को नज़रअंदाज़ न करें कि ये अंतरराष्ट्रीय मुद्दे हैं, न कि केवल राष्ट्रीय। इनके महत्वपूर्ण परिणाम हैं। राज्य में काफी उथल-पुथल रही है। याचिकाकर्ता को या तो गृह मंत्रालय या विदेश मंत्रालय से संपर्क करना चाहिए, क्योंकि ये महत्वपूर्ण नीतिगत मामले हैं।”
सम्बंधित ख़बरें
‘कुछ लोग आरोप लगाकर अपना करियर बनाते हैं’, SG तुषार मेहता का तंज; शराब नीति मामले में CBI को हाईकोर्ट का नोटिस
गौतम गंभीर की बड़ी कानूनी जीत, दिल्ली हाई कोर्ट का आदेश- तुरंत हटाएं डीप फेक और फर्जी वीडियो
‘याचिका में कोई दम नहीं है’, लैंड फॉर जॉब मामले में लालू यादव की फिर बढ़ी मुश्किलें; याचिका हुई खारिज
गौतम गंभीर का बड़ा कदम, दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाकर की सख्त मांग; जानें किस बात पर भड़के कोच?
हाल ही में दायर जनहित याचिका में कहा गया है कि दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) द्वारा अपने स्कूलों में नामांकित म्यांमार रोहिंग्या शरणार्थी छात्रों को वैधानिक लाभ देने से इनकार करने की मनमानी और गैरकानूनी कार्रवाई की गई है। सोशल ज्यूरिस्ट नामक एक गैर सरकारी संगठन के माध्यम से याचिका दायर की गई कि यह आचरण इन बच्चों के लिए शिक्षा के मौलिक अधिकार का उल्लंघन करता है, जैसा कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 14, 21 और 21-ए के साथ-साथ बच्चों के नि:शुल्क और अनिवार्य शिक्षा के अधिकार अधिनियम, 2009 द्वारा गारंटीकृत है। यह प्रस्तुत किया गया कि एमसीडी स्कूल इस आधार पर बच्चों को प्रवेश देने से इनकार कर रहा है कि उनके पास आधार कार्ड, बैंक खाते और अन्य दस्तावेज नहीं हैं। इन लोगों के पास केवल यूएनएचआरसी द्वारा जारी शरणार्थी कार्ड ही मौजूद हैं।
इसे भी पढ़ें…देश के लोगों को तोहफा देकर बोले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी- 500 साल बाद रामलला अपने मंदिर में मनाएंगे दिवाली
यह ध्यान रखना आवश्यक है कि जब तक ये बच्चे भारत में रहते हैं, वे शिक्षा के मौलिक और मानवाधिकारों के हकदार हैं। जैसा कि भारत के संविधान और प्रासंगिक वैधानिक कानूनों द्वारा गारंटीकृत है। इसलिए, इस अधिकार से इनकार करना उनके मौलिक और मानवाधिकारों का उल्लंघन है। याचिका में यह भी कहा गया कि यह सुनिश्चित करना शिक्षा निदेशालय और दिल्ली नगर निगम की जिम्मेदारी है कि 14 वर्ष से कम आयु के सभी छात्रों को श्री राम कॉलोनी, खजूरी चौक क्षेत्र में सरकारी या एमसीडी स्कूलों में दाखिला मिले, क्योंकि ये बच्चे वहीं रहते हैं।
Public interest litigation seeking admission of rohingya refugee children in schools rejected
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
IPL 2026 के सबसे रोमांचक मैच में गुजरात ने दिल्ली को 1 रन से हराया, मिलर-KL Rahul की विस्फोटक पारी गई बेकार
Apr 08, 2026 | 11:41 PMAuspicious Colours Akshaya Tritiya:अक्षय तृतीया पर कौन- सा रंग पहनना होता शुभ, यहां जानिए
Apr 08, 2026 | 11:03 PMदोहा डायमंड लीग टली, सुरक्षा कारणों से लिया गया बड़ा फैसला, नीरज चोपड़ा को करना होगा और इंतजार
Apr 08, 2026 | 10:55 PMकानपुर के ‘किडनी कांड’ को लेकर अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर साधा निशाना, कही बड़ी बात
Apr 08, 2026 | 10:49 PMBCB चुनाव 2025 में वोटों की धांधली का बड़ा खुलासा, अमीनुल इस्लाम पर लगे सत्ता के दुरुपयोग के गंभीर आरोप
Apr 08, 2026 | 10:44 PMSDM के सामने जल निगम अधिकारियों पर क्यों भड़के भाजपा विधायक रत्नाकर मिश्रा
Apr 08, 2026 | 10:37 PMजोस बटलर का विस्फोट! मुकेश कुमार के एक ही ओवर में कूटे 23 रन, दिल्ली के गेंदबाजों में मचाया हाहाकार
Apr 08, 2026 | 10:36 PMवीडियो गैलरी

उधार के शब्द और सरेआम फजीहत! शहबाज शरीफ के पोस्ट में निकली ऐसी गलती, पूरी दुनिया में उड़ रहा है मजाक
Apr 08, 2026 | 10:27 PM
बुद्ध और गांधी का देश अलग-थलग, आतंकी पाकिस्तान बना शांति दूत; संजय सिंह का PM मोदी पर बड़ा हमला- VIDEO
Apr 08, 2026 | 09:59 PM
सफाई के नाम पर खेल! गांधीधाम स्टेशन पर डस्टबिन का कचरा ट्रैक पर फेंका, वायरल वीडियो देख रेलवे ने मांगी माफी
Apr 08, 2026 | 09:51 PM
वाराणसी में बवाल! काशी की गलियों में बलात्कारी आसाराम का प्रचार, वायरल वीडियो देख लोगों में फूटा गुस्सा- VIDEO
Apr 08, 2026 | 09:43 PM
क्या उत्तर बंगाल बनेगा भाजपा की सत्ता का द्वार…या ममता का ‘बंगाली अस्मिता’ कार्ड फेरेगा पानी- VIDEO
Apr 08, 2026 | 09:37 PM
वंदे भारत में इंसानियत शर्मशार! खाने की शिकायत पर दिव्यांग बुजुर्ग को कैंटीन स्टाफ ने पीटा, VIDEO वायरल
Apr 07, 2026 | 09:58 PM














