Oil Crisis 2026: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर खबर डराने वाली है। वैश्विक अनिश्चितता के बीच बढ़े तनाव और तेल की कमी के बीच एक सवाल उठ रहा है कि क्या दुनिया इतिहास के सबसे भयानक ऊर्जा संकट यानी की तरफ बढ़ रही है? एक ऐसी खौफनाक स्थिति जहां सिर्फ गाड़ियां सड़कों पर खड़ी रह जाएंगी, हवाई जहाजों के पहिए थम जाएंगे, और पेट्रोल-डीजल की एक-एक बूंद के लिए देशों के बीच हाहाकार मच जाएगा! अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी ने इसको लेकर बड़ी चेतावनी दी है। एजेंसी के प्रमुख फातिह बिरोल ने पूरी दुनिया को 'रेड जोन' में प्रवेश करने की चेतावनी भी दी है, जिसे सुनकर बड़े-बड़े देशों के राष्ट्रपतियों और प्रधानमंत्रियों हैरान हो गए है।
रेड जोन को समझने से पहले समझे की अगर होर्मुज का यह समुद्री रास्ता जल्द नहीं खुला, तो दुनिया के नक्शे से कौन से देश पूरी तरह तबाह हो जाएंगे? और सबसे बड़ी बात 72 डॉलर से सीधा 105 डॉलर प्रति बैरल पहुंचे कच्चे तेल ने आपके शहर में पेट्रोल-डीजल और हवाई सफर के दामों में आग कैसे लगाई है? आगे बढ़े उससे पहले उस रास्ते की अहमियत को समझिए जिसके बंद होने से यानि की स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से पूरी दुनिया की सांसें अटक गई हैं। 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' ओमान और ईरान के बीच स्थित एक ऐसा संकरा समुद्री रास्ता है, जिसे वैश्विक तेल कूटनीति की 'लाइफलाइन' माना जाता है। दुनिया के समुद्री रास्तों से होने वाले कुल ऊर्जा परिवहन का अकेले 20 प्रतिशत हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है। लेकिन ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रहे भीषण युद्ध ने इस लाइफलाइन को 'डेथलाइन' में बदल दिया है।
इस रास्ते की नाकेबंदी होने की वजह से तेल संकट सामने आया है। इस झटके ने दुनिया के इमरजेंसी ऑयल रिजर्व की कमर तोड़ दी है। आपको जानकर हैरानी होगी कि इसी संकट से निपटने के लिए मार्च के महीने में आईईए और उसके 32 सदस्य देशों ने अपने रणनीतिक भंडार से रिकॉर्ड 40 करोड़ बैरल तेल बाजार में झोंक दिया था, ताकि कीमतें काबू में रहें। लेकिन कड़वा सच ये है कि अब वो आपातकालीन भंडार भी पूरी तरह खत्म होने की कगार पर पहुंच गए हैं, और सप्लाई का बैकअप अब शून्य हो चुका है। आईईए प्रमुख की 'रेड जोन' की चेतावनी का असल मतलब है एक ऐसी बेकाबू स्थिति, जिसमें वैश्विक तेल आपूर्ति किसी भी नए या अतिरिक्त झटके को सहने की क्षमता पूरी तरह खो चुकी है। यानी अब अगर एक भी तेल कुएं पर हमला हुआ या एक भी टैंकर रुका, तो पूरी ग्लोबल इकोनॉमी ढह जाएगी। यही वजह है की अब रेड जोन अलर्ट जारी किया गया।