

Manisha Havaldar CBI Report: देश की सबसे बड़ी चिकित्सा प्रवेश परीक्षा NEET Paper Leak मामले में CBI के हाथ एक बड़ी कामयाबी लगी है। इस मामले का पुणे कनेक्शन अब और गहरा हो गया है। सीबीआई की जांच में खुलासा हुआ है कि एनटीए की आधिकारिक अनुवादक मनीषा हवालदार ने पैसों के लालच में आकर परीक्षा के प्रश्न बेचे थे। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद सीबीआई ने मनीषा हवालदार को पुणे की विशेष अदालत में रात 12 बजे पेश कर उसकी ट्रांजिट रिमांड हासिल कर ली है। अब 25 तारीख को उसे दिल्ली की अदालत में पेश किए जाने की संभावना है।
सीबीआई जांच के अनुसार, मनीषा हवालदार नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के लिए नीट परीक्षा के फिजिक्स विषय के प्रश्नपत्र का आधिकारिक अनुवाद करने का काम कर रही थीं। इसी का फायदा उठाकर उन्होंने मुख्य आरोपी मनीषा मंधारे के साथ साठगांठ की। मनीषा हवालदार ने प्रश्नपत्र से जुड़े महत्वपूर्ण सवालों की हस्तलिखित नोट्स तैयार की थीं। इसके बाद इन प्रश्नों को व्हाट्सएप के जरिए भेजा गया और कुछ के प्रिंटआउट निकालकर मोटी रकम के बदले परीक्षार्थियों तक पहुंचाया गया।
जांच एजेंसी के सामने कोई सबूत न बच पाए, इसके लिए आरोपियों ने शातिराना तरीका अपनाया। सीबीआई के मुताबिक, मनीषा हवालदार ने भौतिक विज्ञान के प्रश्नों वाली सभी मूल नोट्स को जलाकर राख कर दिया। इतना ही नहीं, पकड़े जाने के डर से मनीषा हवालदार और मनीषा मंधारे के बीच व्हाट्सएप पर हुई सारी बातचीत भी डिलीट कर दी गई। जांच में यह भी पता चला है कि हवालदार ने सबूतों को छुपाने के लिए अपने पति के मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर मनीषा मंधारे को प्रश्न की लास्ट भेजी थी।
इस मामले की दूसरी मुख्य आरोपी मनीषा मंधारे को अदालत ने 14 दिनों की सीबीआई हिरासत में भेज दिया है। मंधारे की पूछताछ में जांच एजेंसी को गंभीर तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सूत्रों के मुताबिक, मनीषा मंधारे की स्मरण शक्ति गजब की है। उसने इसी का फायदा उठाते हुए नीट परीक्षा के सारे सवाल मुंहजुबानी याद कर लिए थे। उसने अपने पीछे कोई डिजिटल या कागजी सबूत नहीं छोड़ा, जिससे सीबीआई के अधिकारी भी हैरान हैं। इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब एक अन्य आरोपी मनीषा वाघमारे ने पूछताछ में मनीषा मंधारे के नाम का पर्दाफाश किया।