
दिल्ली के इंडिया गेट का नजारा (सोर्स- सोशल मीडिया)
Delhi Pollution: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में हवा की क्वालिटी एक बार फिर ज़हरीली हो गई है। हवा की बहुत खराब क्वालिटी के कारण, कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट ने GRAP-IV लागू कर दिया है। शनिवार शाम को राजधानी का एयर क्वालिटी इंडेक्स 428 रिकॉर्ड किया गया, जो सेहत के लिए बहुत खतरनाक माना जाता है। इस स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने GRAP-IV लागू करने का फैसला किया है।
GRAP-4 के तहत, दिल्ली में सभी कंस्ट्रक्शन और तोड़फोड़ की गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है, क्योंकि कंस्ट्रक्शन से निकलने वाली धूल हवा प्रदूषण में काफी योगदान देती है। इसके अलावा राजधानी में ट्रकों की एंट्री पर रोक लगा दी गई है, सिर्फ ज़रूरी सेवाओं में लगे वाहनों को ही सीमित एक्सेस दिया जाएगा। भारी वाहनों से निकलने वाला धुआं प्रदूषण का एक बड़ा सोर्स माना जाता है, इसलिए यह कदम ज़रूरी था।
बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए दिल्ली के सभी स्कूलों को हाइब्रिड मोड में पढ़ाई शुरू करने का निर्देश दिया गया है। इस सिस्टम के तहत क्लास ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से चलेंगी, ताकि बच्चों को जहरीली हवा में बाहर न जाना पड़े और वे सेहत संबंधी समस्याओं से बच सकें। CAQM ने GRAP-IV लागू करने के पीछे की वजह भी बताई है।
#Delhi | AQI rose sharply from 400 at 4 PM to 428 at 8 PM on January 17, 2026, due to western disturbance, unfavorable meteorological conditions, calm winds, and poor pollutant dispersal. In view of the deteriorating air quality, the @CAQM_Official Sub-Committee on #GRAP has… pic.twitter.com/LOldM9mCvB — DD News (@DDNewslive) January 17, 2026
CAQM ने साफ किया है कि ये सख्त कदम इमरजेंसी स्थिति को देखते हुए उठाए गए हैं और हवा की क्वालिटी में सुधार होने तक लागू रहेंगे। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे गैर-ज़रूरी बाहरी गतिविधियों से बचें और ऐसी गतिविधियों से दूर रहें जो प्रदूषण बढ़ाती हैं।
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हर साल सर्दियों में बढ़ता प्रदूषण दिल्ली के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है। हालांकि जनवरी की शुरुआत तक इससे निजात मिलनी शुरू हो जाती थी। लेकिन इस बार जनवरी के तीसरे सप्ताह में भी हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि GRAP-4 जैसे अंतिम स्तर के प्रावधान लागू करने पड़ रहे हैं।






