

Malaysia PM Claims Israel Trying to Coup: मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने आरोप लगाया है कि एक यहूदी संगठन ने मलेशिया में तख्तापलट की साजिश शुरू कर दी है। उनका कहना है कि यहूदी समूह ने ब्लूमबर्ग के जरिए अंतरराष्ट्रीय मीडिया में मलेशिया के बारे में नकारात्मक खबरें फैलाने का प्रयास किया, ताकि अमेरिका का ध्यान आकर्षित किया जा सके। इब्राहिम ने इस साजिश की जांच कराने का वादा किया और कहा कि दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
इब्राहिम ने संसद में बयान देते हुए कहा कि उनकी सरकार को गिराने की कोशिश की जा रही है, और इस साजिश में एक यहूदी समूह, अंतरराष्ट्रीय मीडिया और कुछ विपक्षी नेता शामिल हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह ऐसा नहीं होने देंगे और जल्द ही इस मामले की जांच होगी। इब्राहिम ने गाजा और ईरान पर अपनी सरकार के सख्त रुख के कारण यहूदी समूह की आलोचना की। उनका कहना था, "क्या गाजा और ईरान पर बोलना गुनाह है? मैं इस पर बोलता रहूंगा, और जांच के बाद सच्चाई सामने आ जाएगी।"
प्रधानमंत्री ने मलेशिया के विपक्षी दलों की भी आलोचना की और यह सवाल उठाया कि क्या विपक्षी नेता यहूदी समूह के साथ मिलकर सरकार गिराने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि मलेशिया की जनता ऐसे लोगों को कभी माफ नहीं करेगी। इब्राहिम ने यह भी बताया कि 2020 और 2021 में भी सरकार गिराने की साजिशों का खुलासा हुआ था, जो उनकी सरकार के खिलाफ थीं।
मलेशिया, जो एक मुस्लिम बहुल देश है, ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। मलेशिया ने ईरान के समर्थन में आवाज उठाई और खामेनेई की हत्या की निंदा की। दिलचस्प बात यह है कि मलेशिया में यहूदी समुदाय की संख्या बहुत कम है, लेकिन प्रधानमंत्री ने यहूदी समूह पर सरकार गिराने का आरोप लगाया है, जिससे राजनीतिक स्थिति और भी जटिल हो गई है।
अनवर इब्राहिम मलेशिया के प्रमुख नेता हैं, जिनका राजनीतिक सफर संघर्ष और बदलाव से भरा रहा है। वह महातिर मोहम्मद के करीबी सहयोगी रहे, लेकिन 1998 में महातिर से मतभेद के बाद भ्रष्टाचार के आरोपों में जेल गए। 2004 में बरी होने के बाद, उन्होंने विपक्षी नेता के रूप में सफलता हासिल की। 2022 में अनवर प्रधानमंत्री बने, उनकी यात्रा मलेशिया की राजनीति में महत्वपूर्ण बदलावों का प्रतीक है।