
दिल्ली ब्लास्ट के बाद का दृश्य (सोर्स: सोशल मीडिया)
Akola Youth Interrogated In Delhi Blast Case: दिल्ली में 10 नवंबर को लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए बड़े धमाके के मामले में अकोला जिले के एक युवक से पुलिस ने सख्त पूछताछ की है। घटना के समय युवक दिल्ली में मौजूद था और पिछले कुछ दिनों से उसकी गतिविधियां संदिग्ध पाई जाने पर पुलिस ने उसे गुप्त रूप से हिरासत में लेकर लगभग 10 घंटे पूछताछ की। हालांकि पूछताछ में क्या सामने आया, इसकी जानकारी पुलिस ने गोपनीय रखी है।
दिल्ली में हुए इस भीषण विस्फोट में कई लोगों की मौत हुई, जबकि लगभग 35 लोग घायल हुए थे। घटना के बाद देशभर की सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं और जांच तेजी से जारी है। इसी कड़ी में अकोला जिले से संभावित तार जुड़ने की आशंका के कारण पुलिस भी सतर्क हो गई है।
पिंजर थाना क्षेत्र के एक गांव का निवासी युवक पिछले कुछ दिनों से संदिग्ध रूप से गायब था। घटना वाले दिन 10 नवंबर को युवक का मोबाइल लोकेशन दिल्ली में पाया गया, जिसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश तेज कर दी। उसकी अचानक गैर-मौजूदगी और लोकेशन मिलने के बाद उसके गतिविधियों पर और भी संदेह गहरा गया। गुप्त जानकारी के आधार पर युवक को हिरासत में लिया गया।
वरिष्ठ अधिकारियों ने उससे पूछताछ कर यह जानने की कोशिश की कि धमाके के समय वह दिल्ली में क्या कर रहा था। उसका मोबाइल डेटा, कॉल रिकॉर्ड तथा अन्य तकनीकी पहलुओं की भी जांच की जा रही है। पुलिस की पूर्ण जांच के बाद यह निष्कर्ष निकला कि इस 18 वर्षीय युवक का दिल्ली विस्फोट से कोई संबंध नहीं है।
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इस बारे में पुलिस अधीक्षक अर्चित चांडक ने कहा कि, यह बात सही है कि पुलिस द्वारा एक युवक के साथ दिल्ली विस्फोट के विषय में सख्ती से अकोला पुलिस द्वारा पूछताछ की गई लेकिन दिल्ली विस्फोट से किसी प्रकार का कोई संबंध न होने के कारण उसे छोड़ दिया गया।
पुलिस अधीक्षक अर्चित चांडक से पूछने पर उन्होंने बताया कि, जिस युवक की जांच की गयी वह अकोला शहर से गुमशुदा था और इसकी शिकायत पुलिस के पास की गयी थी। इस आधार पर पुलिस इस युवक की जांच कर रही थी।
जांच करने पर पता चला की यह युवक दिल्ली में है। उसी समय दिल्ली में विस्फोट की घटना घटी थी, इस आधार पर इस युवक की जांच की गयी। लेकिन विस्फोट प्रकरण का कोई तथ्य इसमें न होने के कारण पुलिस ने इसे छोड़ दिया है।






