'शीश महल' का खुलेगा राज? कल से दिल्ली विधानसभा सत्र में मचेगा घमासान, इन 3 रिपोर्टों पर सबकी नजर

Delhi Assembly Winter Session: दिल्ली विधानसभा का सेशन सोमवार, 5 जनवरी को शुरू होगा और 8 जनवरी तक चलेगा। रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली सरकार सदन में तीन CAG रिपोर्ट पेश करेगी। प्रदूषण पर भी चर्चा होगी।
Will the secrets of the 'Sheesh Mahal' be revealed? A fierce battle is expected in the Delhi Assembly session starting tomorrow, with all eyes on these three reports
सोमवार 5 जनवरी से शुरू होगा दिल्ली विधानसभा का शीतकालीन सत्र (फोटो- सोशल मीडिया)
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Delhi Assembly Winter Session: दिल्ली की सियासत का पारा एक बार फिर चढ़ने वाला है। सोमवार, 5 जनवरी 2026 से दिल्ली विधानसभा का शीतकालीन सत्र शुरू हो रहा है, जिसके काफी हंगामेदार रहने के आसार हैं। सुबह 11 बजे उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना के अभिभाषण के साथ सत्र का आगाज होगा। लेकिन सबकी निगाहें उन फाइलों पर हैं जो रेखा गुप्ता की सरकार सदन पटल पर रखने जा रही है। खासकर 'शीश महल' के नाम से चर्चित पूर्व सीएम आवास का मुद्दा फिर गूंजने वाला है।

उपराज्यपाल के भाषण के बाद करीब आधे घंटे के अंतराल पर सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होगी। इस छोटे से चार दिवसीय सत्र में सरकार अपनी आगामी नीतियों और राजधानी के अहम मुद्दों का खाका पेश करेगी। इसमें सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा प्रदूषण का है, जिस पर सरकार न सिर्फ चर्चा करेगी बल्कि पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक विशेष प्रस्ताव भी लाने की तैयारी में है। पुराना सचिवालय स्थित विधानसभा भवन में सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं ताकि कार्यवाही सुचारू रूप से चल सके।

तीन रिपोर्टों से मचेगा बवाल

इस बार सदन के भीतर असली घमासान तीन अहम कैग रिपोर्टों को लेकर देखने को मिल सकता है। जानकारी के मुताबिक, रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली सरकार पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास यानी 'शीश महल' से जुड़ी कैग रिपोर्ट सदन में पेश करेगी। इसके अलावा दिल्ली जल बोर्ड और दिल्ली सरकार के अधीन आने वाले विश्वविद्यालयों पर भी रिपोर्ट मेज पर रखी जाएगी। इन रिपोर्टों के जरिए सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलना तय माना जा रहा है।

दिल्ली की राजनीति का नया मोड़

विधानसभा सचिवालय ने भी अपनी प्रेस नोट में इस सत्र को बेहद खास बताया है। माना जा रहा है कि यह सत्र दिल्ली की राजनीति की आगे की दिशा तय करने में बड़ा रोल निभाएगा। 8 जनवरी तक चलने वाली इस कार्यवाही में विकास कार्यों की रफ्तार, प्रशासनिक कामकाज और वित्तीय अनुशासन जैसे गंभीर विषयों पर फोकस रहेगा। जनप्रतिनिधि दिल्ली की जनता से जुड़े मुद्दों को पूरी ताकत से उठाएंगे, जिससे यह सत्र छोटा होते हुए भी सियासी मायनों में काफी भारी साबित होने वाला है।

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