

Tiger Attack In Bhandara: भंडारा जिले के तुमसर वन परिक्षेत्र के गोबरवाही के पास मंगलवार दोपहर हुई एक हृदयविदारक घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। मवेशी चराने जंगल के समीप गए 60 वर्षीय बेनीराम लक्ष्मण राऊत पर घात लगाए बैठे बाघ ने अचानक हमला कर दिया और बेटे की आंखों के सामने ही उन्हें घसीटते हुए जंगल की ओर ले गया। बेटे ने पिता को बचाने के लिए शोर मचाया, लेकिन कुछ ही क्षणों में बाघ उन्हें घने जंगल में ले गया। इस हमले में बेनीराम राऊत की मौत हो गई। घटना के बाद गोबरवाही सहित आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बेनीराम राऊत मंगलवार सुबह अपने पुत्र विजय राऊत के साथ रोज की तरह गांव से सटे जंगल में मवेशी चराने गए थे। दोपहर करीब 1 बजे दोनों गांव के पास स्थित नाले के क्षेत्र में थे, तभी पहले से घात लगाए बैठे बाघ ने अचानक बेनीराम राऊत पर हमला कर दिया और बेटे विजय की आंखों के सामने ही जंगल की ओर घसीटते हुए ले गया। यह दृश्य देखकर विजय ने जोर-जोर से चिल्लाकर मदद की गुहार लगाई, लेकिन बाघ के आक्रामक व्यवहार के सामने उसके सभी प्रयास बेकार साबित हुए।
घटना के बाद विजय किसी तरह गांव पहुंचा और ग्रामीणों को पूरी जानकारी दी। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे तथा वन विभाग को तत्काल सूचना दी गई। तुमसर वन परिक्षेत्र के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों की मदद से जंगल में खोज अभियान शुरू किया। वन विभाग ने कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
ग्रामीणों के अनुसार, इसी क्षेत्र में कुछ दिन पहले भी एक बछड़े पर बाघ ने हमला कर उसे मार डाला था। लगातार हो रही घटनाओं से ग्रामीणों में बाघ की बढ़ती गतिविधियों को लेकर भय का माहौल बना हुआ है।
तुमसर गांव के वन परिक्षेत्र से सटे गांवों के किसान और चरवाहे इस घटना के बाद सहमे हुए हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने, बाघ की गतिविधियों पर तत्काल नियंत्रण करने तथा लोगों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। साथ ही मृतक के परिजनों को शीघ्र आर्थिक सहायता और शासन द्वारा निर्धारित मुआवजा देने की भी मांग की गई है। इस घटना ने एक बार फिर वन्यजीव और मानव के बीच बढ़ते संघर्ष के गंभीर मुद्दे को सामने ला दिया है।