दुनिया में बह रहे खून के दोषी हम! पड़ोसी मुल्क की हिंसा पर राज्यपाल आरिफ मोहम्मद का बड़ा बयान

Bihar के राज्यपाल Arif Mohammad Khan ने जबलपुर में आयोजित वर्ल्ड रामायण कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए कहा कि दुनिया भर में हो रहे खून-खराबे और हिंसा के लिए कोई और बल्कि सभी भारतवासियों को जिम्मेदार ठहराया।
Bihar Governor Arif Mohammad Khan Statement on india nevar country violence
बिहार राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान (कॉन्सेप्ट फोटो- सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Bihar Governor Arif Mohammad Khan Statement: मध्य प्रदेश के जबलपुर में आयोजित चौथे वर्ल्ड रामायण कॉन्फ्रेंस में बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने एक ऐसा बयान दिया है जिसने सबको सोचने पर मजबूर कर दिया है। उन्होंने दुनिया भर में हो रहे खून-खराबे और हिंसा के लिए किसी और को नहीं, बल्कि हम सभी को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि भारत के पास दुनिया को देने के लिए शांति का संदेश तो है, लेकिन हम इसे सही तरीके से पहुंचा नहीं पाए। बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों पर भी उन्होंने अपनी बेबाक राय रखी।

इससे पहले जब राज्यपाल कार्यक्रम स्थल मानस भवन पहुंचे तो राम-राम के भजनों से उनका शानदार स्वागत किया गया। मंच पर मौजूद संत कल्याणदास जी महाराज के उन्होंने चरण स्पर्श किए और आशीर्वाद लिया। राष्ट्रगान और दीप प्रज्ज्वलन के साथ सम्मेलन की शुरुआत हुई। अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि आज हर कोई शांति चाहता है, मगर इतिहास गवाह है कि इंसान की जान हमेशा सस्ती समझी गई है। हम अक्सर खुद को दूसरों से बेहतर मानने की गलती करते हैं और यही सोच हिंसा की मुख्य वजह बनती है।

राम से ही जुड़ेंगे दिल

आरिफ मोहम्मद खान ने भारतीय संस्कृति की गहराई पर बात करते हुए कहा कि हमारे वेद, उपनिषद, गीता और रामचरितमानस हमें सिखाते हैं कि हर शरीर एक मंदिर है। भगवान हर इंसान के दिल में बसते हैं। प्रभु श्रीराम भारत की एकता की पहचान हैं। जब हम सामने वाले इंसान के अंदर भी भगवान का रूप देखेंगे, तभी दुनिया में असली एकता आ पाएगी। उन्होंने सत्संग और आध्यात्मिकता के महत्व को भी समझाया। उन्होंने तुलसीदास जी की चौपाई और शंकराचार्य की भज गोविंदम् का जिक्र करते हुए कहा कि सच्चा ज्ञान और वैराग्य ही इंसान को मुक्ति के रास्ते पर ले जाता है।

पड़ोस में हिंसा मंजूर नहीं

मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने बांग्लादेश के मौजूदा हालात पर भी गहरी चिंता जताई। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वहां हिंदुओं के साथ जो हिंसा हो रही है और जिस तरह से हत्याएं की जा रही हैं, वह किसी भी सूरत में बर्दाश्त करने लायक नहीं है। यह सिर्फ राजनीति का नहीं, बल्कि इंसानियत और करुणा का मामला है। ऐसी घटनाओं के खिलाफ हम सबको एक होकर आवाज उठानी चाहिए। उन्होंने कहा कि मानवाधिकारों की बात तो 1948 से हो रही है, लेकिन जमीनी हकीकत बदलने के लिए हमें अपनी सोच बदलनी होगी और पीड़ितों के साथ खड़ा होना होगा।

Navbharat Live
navbharatlive.com