दिल्ली धमाके में आया मौत का आंकड़ा: 13 की गई जान, 2 साल से चल रही थी साजिश, कई डॉक्टर-छात्र गिरफ्तार

Delhi Terror attack: दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए कार ब्लास्ट को केंद्र सरकार ने आतंकी हमला घोषित किया है, जिसमें 13 लोगों की जान गई है इसके तार अल फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े हैं।
Delhi Terror attack
सोर्स-सोशल मीडिया
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Red Fort Blast 13 Dead: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में लगभग एक दशक बाद हुए एक बड़े धमाके ने पूरे देश को डरा दिया है। सोमवार (10 नवंबर 2025) शाम लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए इस कार ब्लास्ट में 13 लोगों की जान गई है, जिनमें हमलावर आतंकी उमर भी शामिल है। केंद्र सरकार ने इस घटना को आतंकी हमला घोषित किया है, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां हरकत में आ गई हैं। इस हमले की साजिश के तार फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े हैं और कई डॉक्टर तथा छात्र गिरफ्तार किए गए हैं।

आतंकी हमला घोषित 13 की मौत, 12 बेकसूर

दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास एक चलती I-20 कार में हुए धमाके में कुल 13 लोगों की मौत हुई है। मारे गए लोगों में आतंकी डॉ. उमर भी शामिल है, जो कार में सवार था। कई अन्य लोग घायल हुए हैं। बुधवार को कैबिनेट मीटिंग में केंद्र सरकार ने इस धमाके को आधिकारिक तौर पर आतंकी हमला माना और इस पर प्रस्ताव भी पारित किया। हमले के बाद देश भर में 500 से अधिक जगहों पर छापेमारी की गई है।

हड़बड़ी में अंजाम दिया गया ब्लास्ट

शुरुआती जांच से पता चला है कि आतंकियों का असली इरादा 6 दिसंबर को ब्लास्ट करने का था, लेकिन पुलिस द्वारा उनके कुछ साथियों को पहले ही गिरफ्तार कर लेने के कारण वे डर गए। इसी डर में उन्होंने सोमवार शाम करीब 6 बजकर 52 मिनट पर रेड लाइट पर इस धमाके को हड़बड़ी में अंजाम दे दिया। घटना के बाद भी शवों के टुकड़े मिल रहे हैं, जो हमले की भयावहता को दिखाता है।

अल फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़ा साजिश का तार

जांच में खुलासा हुआ है कि इस आतंकी हमले की पूरी प्लानिंग फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी से की गई थी। गिरफ्तार किए गए कई डॉक्टर और छात्रों का कनेक्शन इसी यूनिवर्सिटी से है। गिरफ्तार एक डॉक्टर ने यह भी कबूल किया है कि वह पिछले 2 सालों से इस हमले की योजना बना रही थी। उमर के परिवार ने भी यह स्वीकार किया है कि उन्हें पता था कि उनका बेटा कट्टरपंथी बन चुका है, लेकिन उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों को इसकी जानकारी नहीं दी।

गिरफ्तारियाँ और पीएम मोदी का दौरा

ब्लास्ट के बाद देश की जांच एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं। अब तक 2 दर्जन से ज़्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और सैकड़ों से पूछताछ हुई है। ये गिरफ्तारियां दिल्ली, गुजरात, यूपी और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों से की गई हैं। गिरफ्तार होने वालों में डॉ. सज्जाद, डॉ. अदील रईस, डॉ. परवेज समेत कई अन्य लोग शामिल हैं, जिनका संबंध सीधे तौर पर यूनिवर्सिटी से है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भूटान दौरे से लौटकर सीधा LNJP अस्पताल जाकर घायलों से मुलाकात की। उन्होंने डॉक्टरों से बात की और आश्वासन दिया कि साजिश रचने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। सुरक्षा के मद्देनज़र, दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने लाल किला मेट्रो स्टेशन को अगली सूचना तक बंद कर दिया है।

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