
आर्थिक सर्वेक्षण 2026, ( डिजाइन फोटो/ नवभारत लाइव)
What Is Economic Survey: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रविवार, (1 फरवरी) को संसद में केंद्रीय बजट 2026 पेश करेंगी। बजट में इस बात की जानकारी दी जाती है कि केंद्र सरकार आने वाले फाइनेंशियल ईयर में पैसा कैसे जुटाएगी और उसे कहां-कहां खर्च करेगी। बजट से पहले वित्त मंत्रालय आर्थिक सर्वेक्षण यानी की इकोनॉमिक सर्वे (Economic Survey) पेश करता है, जिसमें देश की अर्थव्यवस्था की स्थिति और रुझानों की समीक्षा की जाती है।
आर्थिक सर्वेक्षण हर साल तैयार की जाने वाली एक रिपोर्ट है, जिसे वित्त मंत्रालय के तहत आर्थिक कार्य विभाग तैयार करता है। इसमें मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) की अहम भूमिका होती है। यह रिपोर्ट पिछले एक साल में देश की अर्थव्यवस्था के प्रदर्शन का आकलन करती है और कृषि, उद्योग, सर्विस सेक्टर, निर्यात और रोजगार जैसे अहम क्षेत्रों की समीक्षा करती है।
बजट जहां सरकार की आय और खर्च की योजना बताता है, वहीं आर्थिक सर्वेक्षण एक तरह की समीक्षा और मार्गदर्शक दस्तावेज होता है। इसमें आंकड़े, तथ्य, रुझान और आने वाले साल के अनुमान शामिल होते हैं। इसके साथ ही, इसमें अर्थव्यवस्था की चुनौतियों, उपलब्धियों और सुधारों के सुझाव भी दिए जाते हैं, जिनका इस्तेमाल बजट बनाते समय किया जा सकता है।
आमतौर पर आर्थिक सर्वेक्षण केंद्रीय बजट से एक दिन पहले संसद में रखा जाता है। इसके पीछे कई कारण होते हैं।
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इकोनॉमिक सर्वे तीन हिस्सों में बना है, हर हिस्सा भारत की इकोनॉमी के बारे में कीमती जानकारी देता है। पहला हिस्सा मुख्य इकोनॉमिक मुद्दों का पूरा रिव्यू और चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर का नजरिया बताता है। दूसरा हिस्सा सेक्टर-वाइज डेटा पर फोकस करता है। वहीं, तीसरा पार्ट बड़े इकोनॉमिक नंबरों पर बात करता है, जिसमें नेशनल इनकम, प्रोडक्शन, एम्प्लॉयमेंट, इन्फ्लेशन, बैलेंस ऑफ़ ट्रेड और एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट ट्रेंड जैसे एरिया शामिल हैं, जिससे इकोनॉमी की पूरी तस्वीर मिलती है।






