Bhandara News: तुमसर नप की पहली जनरल मीटिंग की कार्रवाई पर कानूनी सवाल? लीगल नोटिस

Legal Notice: तुमसर नगर परिषद की पहली जनरल मीटिंग की कार्रवाई और नॉमिनेशन पर कानूनी सवाल उठाते हुए NCP नेता अश्विनी थोटे ने चीफ ऑफिसर को रिप्रेजेंटेशन और लीगल नोटिस जारी किया।
Tumsar Nagar Parishad
Legal Notice:तुमसर नगर परिषद (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Tumsar Nagar Parishad: तुमसर नगर परिषद की पहली जनरल मीटिंग में की गई कार्रवाई, फैसले लेने की प्रक्रिया और नॉमिनेशन को लेकर गंभीर कानूनी शंकाएं जताते हुए NCP जनहित विकास आघाड़ी ग्रुप की लीडर अश्विनी थोटे ने सोमवार को नगर परिषद के चीफ ऑफिसर को रिप्रेजेंटेशन और लीगल नोटिस जारी किया है। इस नोटिस से तुमसर के राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है।

नोटिस में महाराष्ट्र म्युनिसिपल काउंसिल एक्ट, 1965 के सेक्शन 9 और सेक्शन 80, तथा इसके अंतर्गत लागू नियमों, सरकारी निर्णयों और सर्कुलर का उल्लेख किया गया है। साथ ही, पहली जनरल मीटिंग में की गई कार्रवाई कानूनी थी या नहीं, इस संबंध में पूरे रिकॉर्ड, दस्तावेज़ और स्पष्टीकरण तत्काल उपलब्ध कराने की मांग की गई है।

NCP जनहित विकास आघाड़ी ग्रुप की लीडर अश्विनी थोटे ने चीफ ऑफिसर को जारी किया रिप्रेजेंटेशन

नोटिस में यह भी कहा गया है कि पीठासीन अधिकारियों द्वारा लिए गए फैसले अधिकार क्षेत्र से बाहर, गैर-कानूनी और कानूनन गलत होने का पक्का संदेह है। आरोप है कि मीटिंग का नोटिस, उपस्थिति रजिस्टर, कोरम, एजेंडा, पूरी कार्रवाई, फैसलों का रिकॉर्ड, नॉमिनेशन की घोषणा तथा गैजेट में प्रकाशित करने से पहले की वैधता जांच को लेकर अब तक कोई स्पष्ट और कानूनी जानकारी नहीं दी गई है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि सरकार के एक जिम्मेदार अधिकारी के रूप में चीफ ऑफिसर की यह व्यक्तिगत कानूनी जिम्मेदारी है कि नगर परिषद की सभी प्रक्रियाएं पारदर्शी और नियमबद्ध हों।

नोटिस के माध्यम से सवाल उठाया गया है कि क्या 16 जनवरी को हुई जनरल मीटिंग में की गई कार्रवाई गैर-कानूनी थी? क्या पीठासीन अधिकारी का निर्णय एक्ट और सरकारी आदेशों के अनुरूप था? यदि निर्णय गैर-कानूनी पाया जाता है तो चीफ ऑफिसर द्वारा तत्काल कौन-सी प्रशासनिक या कानूनी कार्रवाई की गई?

कानूनी और न्यायिक कार्रवाई की जाएगी

इन सभी मुद्दों पर लिखित जवाब और संबंधित दस्तावेज़ मांगे गए हैं। साथ ही यह भी स्पष्ट करने को कहा गया है कि क्या इस पूरे मामले में ड्यूटी में लापरवाही, अधिकारों का दुरुपयोग या प्रशासनिक चूक हुई है। चेतावनी दी गई है कि यदि मांगी गई जानकारी और स्पष्टीकरण तुरंत उपलब्ध नहीं कराए गए तो प्रशासनिक, कानूनी और न्यायिक कार्रवाई की जाएगी।

इस शिकायत की एक प्रति शहरी विकास विभाग के मुख्य सचिव, क्षेत्रीय संचालक (नगर परिषद प्रशासन), नागपुर तथा भंडारा जिलाधिकारी को भी भेजी गई है। इस रिप्रेजेंटेशन और लीगल नोटिस के चलते तुमसर नगर परिषद में निर्णय-प्रक्रिया की वैधता एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है और अब सभी की निगाहें प्रशासन की भूमिका पर टिकी हैं।

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