
बजट 2026 में उज्ज्वला योजना में सब्सिडी बड़ा सकती है सरकार (सोर्स-AI डिज़ाइन)
PM Ujjwala Yojana LPG cylinder price: बजट 2026 की आहट के साथ ही करोड़ों गृहणियों की निगाहें वित्त मंत्री के पिटारे पर टिकी हैं, खासकर उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए। सरकार द्वारा रसोई गैस की कीमतों को और अधिक किफायती बनाने के लिए नई सब्सिडी घोषणाओं की प्रबल संभावना जताई जा रही है। वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव को देखते हुए, आम आदमी को महंगाई से बचाने के लिए बजट में विशेष प्रावधान किए जा सकते हैं। इस बार के बजट का मुख्य उद्देश्य न केवल स्वच्छ ईंधन की पहुंच बढ़ाना है, बल्कि गरीब परिवारों के मासिक रसोई खर्च को कम करना भी होगा।
वर्तमान में उज्ज्वला लाभार्थियों को प्रति 14.2 किलोग्राम सिलेंडर पर 300 की लक्षित सब्सिडी प्रदान की जा रही है, जो सीधे उनके बैंक खातों में आती है। बजट 2026 में इस सब्सिडी राशि को बढ़ाने या रिफिल की संख्या में संशोधन करने पर विचार किया जा सकता है ताकि मध्यम वर्ग को राहत मिले। सरकार का लक्ष्य 10.33 करोड़ से अधिक मौजूदा लाभार्थियों को अंतरराष्ट्रीय कीमतों में होने वाले किसी भी तेज उछाल से पूरी तरह सुरक्षित रखना है।
आर्थिक जानकारों का मानना है कि आगामी वित्त वर्ष के लिए सरकार 12,000 करोड़ से अधिक का भारी-भरकम बजट एलपीजी सब्सिडी के लिए आवंटित कर सकती है। घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतें वर्तमान में दिल्ली में 853 के आसपास हैं, जिसे सब्सिडी के जरिए और भी कम करने की मांग उठ रही है। बजट में “उज्ज्वला 3.0” के तहत नए मुफ्त कनेक्शनों की संख्या बढ़ाने की घोषणा भी की जा सकती है ताकि शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित हो सके।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियों और वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच भारत अपनी घरेलू अर्थव्यवस्था को स्थिर रखने के लिए ईंधन सब्सिडी को एक ढाल की तरह इस्तेमाल कर रहा है। जनवरी 2026 में कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम 111 बढ़ने के बाद, आम जनता को डर है कि घरेलू सिलेंडर भी महंगे हो सकते हैं। इसीलिए बजट 2026 में घरेलू गैस की कीमतों को स्थिर रखने के लिए विशेष “प्राइस स्टेबलाइजेशन फंड” का प्रावधान होने की उम्मीद की जा रही है।
बजट में समय पर रिफिल बुक करने वाले और डिजिटल भुगतान का उपयोग करने वाले लाभार्थियों के लिए अतिरिक्त कैशबैक या रिवॉर्ड्स की घोषणा की जा सकती है। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल बैंकिंग को भी बढ़ावा मिलेगा जिससे बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह समाप्त हो जाएगी। सरकार समय पर दूसरा ऋण चुकाने वाले गिग वर्कर्स की तरह, उज्ज्वला लाभार्थियों को भी माइक्रो-क्रेडिट की सुविधा देने पर विचार कर सकती है।
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प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना ने न केवल धुएं से मुक्ति दिलाई है, बल्कि महिलाओं के स्वास्थ्य और सशक्तिकरण में भी क्रांतिकारी बदलाव किए हैं। बजट 2026 में LGP के साथ-साथ बायोगैस और सौर चूल्हों के लिए भी अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया जा सकता है ताकि ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों को बढ़ावा मिले। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए सरकार का रोडमैप स्पष्ट है कि विकास की गति के साथ-साथ आम आदमी की रसोई का बजट भी संतुलित बना रहे।






