
बजट 2026 में सरकार महंगाई कम करने के लिए बढ़ा सकती है खाद्य सब्सिडी (सोर्स-AI डिज़ाइन)
Government Steps To Control Food Inflation: आगामी बजट 2026 में केंद्र सरकार का मुख्य फोकस बढ़ती महंगाई पर लगाम लगाना और आम आदमी की रसोई को राहत देना होगा। वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच खाद्य वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रित करना वित्त मंत्रालय के लिए एक बड़ी प्राथमिकता बनकर उभरा है। सरकार द्वारा इस बार खाद्य सब्सिडी और आवश्यक वस्तुओं के आयात शुल्क में कटौती जैसे महत्वपूर्ण कदम उठाए जाने की संभावना है। इन उपायों का सीधा उद्देश्य मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों को बढ़ती कीमतों के बोझ से बचाकर उनकी क्रय शक्ति को बढ़ाना है।
बजट 2026 में सरकार प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के लिए आवंटन बढ़ा सकती है ताकि गरीबों को मुफ्त अनाज की सुविधा निर्बाध मिलती रहे। सरकार का मानना है कि खाद्य सुरक्षा जाल को मजबूत करने से महंगाई का सबसे बुरा असर सबसे कमजोर तबके पर कम पड़ेगा। इसके साथ ही सार्वजनिक वितरण प्रणाली के बुनियादी ढांचे को सुधारने के लिए भी विशेष फंड जारी होने की उम्मीद है।
रसोई गैस और परिवहन ईंधन की कीमतें सीधे तौर पर आम आदमी के घरेलू बजट को प्रभावित करती हैं, इसलिए सरकार इस क्षेत्र में राहत दे सकती है। पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले उत्पाद शुल्क में कटौती की मांग तेज है ताकि माल ढुलाई सस्ती हो और महंगाई नीचे आए। उज्ज्वला योजना के तहत मिलने वाली सब्सिडी की राशि को बढ़ाने पर भी विचार हो सकता है ताकि ग्रामीण महिलाओं को राहत मिले।
दालों और खाद्य तेलों की कीमतों को काबू में रखने के लिए सरकार इनके आयात पर लगने वाली ड्यूटी को कम या शून्य स्तर पर रख सकती है। घरेलू उत्पादन और मांग के बीच के अंतर को पाटने के लिए बफर स्टॉक का प्रबंधन इस बार के बजट का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। सरकार का प्रयास है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव का असर भारतीय रसोई के बजट पर कम से कम पड़े।
महंगाई को जड़ से मिटाने के लिए सरकार आपूर्ति श्रृंखला में होने वाले नुकसान को कम करने हेतु कोल्ड स्टोरेज और वेयरहाउसिंग पर ध्यान केंद्रित करेगी। बजट 2026 में कृषि अवसंरचना कोष के तहत अधिक ऋण देने की घोषणा हो सकती है ताकि फल और सब्जियों की बर्बादी रोकी जा सके। जब आपूर्ति सुचारू होगी तो बाजार में कीमतों में स्थिरता आएगी और बिचौलियों का प्रभाव भी काफी हद तक कम हो जाएगा।
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सरकार व्यक्तिगत आयकर के स्लैब में बदलाव कर मध्यम वर्ग के हाथों में अधिक पैसा छोड़ने की योजना बना सकती है जिससे उनकी क्रय शक्ति बढ़ सके। उपभोग में वृद्धि से अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी और लोग महंगाई का सामना बेहतर तरीके से कर पाएंगे। अंततः इस बजट का लक्ष्य संतुलित वित्तीय प्रबंधन और जन कल्याणकारी योजनाओं के बीच एक बारीक तालमेल बिठाना होगा जिससे हर भारतीय लाभान्वित हो।






