टीआईई सिलिकॉन वैली ( सौजन्य : सोशल मीडिया )
वाशिंगटन : 23 जुलाई को पेश किए बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कई ऐतिहासिक फैसले लिए है, जिन फैसलों में से सबसे ज्यादा सराहनीय फैसला एंजल टैक्स को हटाने का रहा है। इस टैक्स के हट जाने से भारत में शुरू होने वाले स्टार्टअप्स पर इसका असर होगा। देश के बड़े बिजनेसमैन और बिजनेस ग्रुप सरकार के इस फैसले से काफी खुश है। उन्होंने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है।
टीआईई सिलिकॉन वैली की अध्यक्ष अनीता मनवानी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ” मुझे लगता है कि (एंजेल कर हटाना) निश्चित रूप से एक बेहतरीन कदम है। वित्त मंत्री (निर्मला) सीतारमण से कभी कम की उम्मीद नहीं की जा सकती…वह हमेशा इस बात पर गौर करती हैं कि देश के लिए क्या महत्वपूर्ण है, वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए क्या जरूरी है।”
एंजल कर (30 प्रतिशत से अधिक की दर से आयकर) का मतलब वह आयकर है जो सरकार गैर-सूचीबद्ध कंपनियों या स्टार्टअप द्वारा जुटाई गई धनराशि पर लगाती है, यदि उनका मूल्यांकन कंपनी के उचित बाजार मूल्य से अधिक है। एंजल कर समाप्त करने का कई अन्य व्यापार और व्यवसाय वकालत समूहों द्वारा भी स्वागत किया गया है।
यूएस इंडिया स्ट्रेटेजिक एंड पार्टनरशिप फोरम ने कहा कि सभी निवेशक वर्गों के लिए एंजल कर हटाना एक ऐतिहासिक सुधार है जो भारत के स्टार्टअप परिवेश को लाभ पहुंचाएगा। यह महत्वपूर्ण सुधार घरेलू तथा अंतरराष्ट्रीय दोनों स्रोतों से स्टार्टअप कोष को बढ़ावा देगा। यूएस इंडिया बिजनेस काउंसिल ने कहा, ‘‘ एंजल कर को समाप्त करने से द्विपक्षीय प्रौद्योगिकी सहयोग और नवाचार के समक्ष आने वाली बाधा दूर होगी ।”
यूएसए इंडिया चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष करुण ऋषि ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘ एंजल कर हटाना भारत में स्टार्टअप परिवश के लिए एक ऐतिहासिक फैसला है। यह एक बेहद जरूरी सुधार है। यह साहसिक कदम भारत में एक अधिक जीवंत स्टार्टअप परिवेश को बढ़ावा देगा, जिससे नवाचार, रोजगार सृजन तथा प्रतिस्पर्धा में वृद्धि होगी।”
आपको बता दे कि यूपीए 2 सरकार ने इस टैक्स पॉलिसी को पूरे देश में लागू किया था। इस टैक्स पॉलिसी को हटाने की मांग पिछले 12 सालों से की जा रही है। एंजल टैक्स हटाने से देश में कई नए स्टार्टअप्स शुरू हो सकते है।
( एजेंसी इनपुट के साथ )






