इधर तारिक रहमान ने लिया शपथ...उधर चीन ने शुरू किया अपना मिशन बांग्लादेश! जिंगपिंग के करीबी ने भेजा खास संदेश

China-Bangladesh Relations: चीन ने तारिक रहमान को बधाई देते हुए बीआरआई सहित सभी क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की बात कही, जबकि रहमान ने विदेश नीति में राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
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शी जिनपिंग, तारिक रहमान (सोर्स- सोशल मीडिया)
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China Congratulated Tarique Rahman: तारिक रहमान के बांग्लादेश का प्रधानमंत्री बनने के तुरंत बाद चीन ने सक्रिय रुख अपनाया है। शी जिनपिंग के करीबी और पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना के प्रमुख ली कियांग ने मंगलवार को नए बांग्लादेशी प्रधानमंत्री को बधाई संदेश भेजते हुए कहा कि बीजिंग, ढाका के साथ मिलकर बेल्ट एंड रोड पहल सहित सभी क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने के लिए तैयार है, ताकि द्विपक्षीय संबंधों को एक नए स्तर तक पहुंचाया जा सके। 

ली कियांग ने भरोसा दिलाया कि चीनी सरकार नई बांग्लादेशी सरकार के सुचारू प्रशासन का समर्थन करती है, जिसने उसी दिन शपथ ग्रहण किया। ली कियांग ने अपने संदेश में पारंपरिक दोस्ती को आगे बढ़ाने, उच्च-गुणवत्ता वाले बेल्ट एंड रोड सहयोग को गति देने और व्यापार, निवेश, बुनियादी ढांचे, तकनीक तथा अन्य क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।

चीन-बांग्लादेश व्यापक रणनीतिक साझेदार

उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से चीन-बांग्लादेश व्यापक रणनीतिक सहकारी साझेदारी को नई ऊंचाई मिलेगी और दोनों देशों के लोगों को ठोस लाभ होगा। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि चीन और बांग्लादेश के बीच आपसी सम्मान, मित्रता और विन-विन सहयोग का लंबा इतिहास रहा है।

BNP ने जीता चुनाव

12 फरवरी को हुए 13वें संसदीय चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की जीत के बाद विदेश नीति पर अपनी पहली टिप्पणी में तारिक रहमान ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार राष्ट्रीय हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देगी। उनके अनुसार, बांग्लादेश और उसके नागरिकों के हित ही देश की विदेश नीति की दिशा तय करेंगे।

चीनी सरकारी मीडिया ने इस बयान को प्रमुखता से प्रकाशित करते हुए कहा कि चीन लंबे समय से बांग्लादेश का एक अहम विकास साझेदार रहा है और दोनों देशों को साझा विकास के लिए मिलकर काम जारी रखना चाहिए।

चीन की करीबी रही यूनुस सरकार

चीन के प्रति नई सरकार का रुख इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस जिन्होंने अगस्त 2024 में शेख हसीना को हटाए जाने के बाद सत्ता संभाली थी, चीन और पाकिस्तान की ओर झुकाव दिखाया था। इस नीति का असर भारत के साथ ढाका के संबंधों पर पड़ा था। ऐसे में रहमान सरकार की विदेश नीति, खासकर चीन, भारत और पाकिस्तान के संदर्भ में, क्षेत्रीय राजनीति के लिए बेहद अहम मानी जा रही है।

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