
सेल ( सौजन्य : सोशल मीडिया )
नई दिल्ली : देश की सबसे बड़ी इस्पात विनिर्माता कंपनी सेल के चेयरमैन अमरेंदु प्रकाश ने गुरूवार को अहम जानकारी दी है। सेल के चेयरमैन ने बताया है कि वे महत्वपूर्ण खनिज मिशन में अपनी कंपनी का देश की ओर से प्रतिनिधित्व करना चाहते है। आईएसए स्टील कॉन्क्लेव में उन्होंने स्पष्टता से इस बात की इच्छा जतायी है।
इस मिशन का मकसद घरेलू तथा विदेशी स्रोतों से खनिज उपलब्धता सुनिश्चित कर देश की महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति श्रृंखला को सुरक्षित बनाना है। केंद्रीय बजट 2024-25 में घरेलू उत्पादन, महत्वपूर्ण खनिजों के पुनर्चक्रण और महत्वपूर्ण खनिज परिसंपत्तियों के विदेश में अधिग्रहण के लिए एक महत्वपूर्ण खनिज मिशन शुरू करने का प्रस्ताव किया गया था।
स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के चेयरमैन ने ‘आईएसए स्टील कॉन्क्लेव’ से इतर पत्रकारों से कहा, ‘‘ वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने महत्वपूर्ण खनिज मिशन की घोषणा की। उसमें बहुत सी चीजों तथा संभावनाओं पर चर्चा होगी। इसलिए हम इस पर नजर रखेंगे और देखेंगे कि इसमें क्या अवसर हैं।”
उन्होंने कहा, ‘‘ जैसे-जैसे मिशन का विस्तार होगा और चीजों पर चर्चा होगी, हम इस पर नजर रखेंगे कि सेल इसमें क्या कर सकता है। चेयरमैन ने कहा कि अब तक सेल उन खनिजों पर ध्यान दे रहा है जिनका इस्तेमाल इस्पात निर्माण में होता है। उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण खनिज खंड एक अलग क्षेत्र है। प्रकाश ने कहा, ‘‘ अभी तक हम उस क्षेत्र (महत्वपूर्ण खनिज) में नहीं हैं, लेकिन चूंकि सरकार ने महत्वपूर्ण खनिज मिशन की घोषणा की है, इसलिए हम सिर्फ इस पर गौर करेंगे…” कोबाल्ट, तांबा, लिथियम, निकल और दुर्लभ मृदा जैसे महत्वपूर्ण खनिज, पवन टर्बाइन से लेकर इलेक्ट्रिक कार तक स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों के उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन का उद्देश्य सभी चरणों – अन्वेषण एवं खनन से लेकर लाभकारी, प्रसंस्करण और अंतिम उत्पादों से पुनर्प्राप्ति तक – में भारत की महत्वपूर्ण खनिजों की मूल्य श्रृंखला को मजबूत करना है। इस मिशन का लक्ष्य महत्वपूर्ण खनिजों की औद्योगिक मांगों को पूरा करने के मामले में आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करना है।
( एजेंसी इनपुट के साथ )






