
शेयर बाजार। इमेज-एआई
Sensex Prediction 2026: सेंसेक्स मौजूदा स्तरों से चढ़कर दिसंबर 2026 तक एक लाख के स्तर को पार जा सकता है। दिग्गज ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टैनले का अनुमान है कि बाजार में बुल रन जारी रहा तो सेंसेक्स (Sensex) 1,07,000 तक पहुंच सकता है। यह मौजूदा स्तरों से 26% की बढ़त दिखाता है। ब्रोकरेज के अनुसार बेस केस में सेंसेक्स का टारगेट (Sensex Target ) 95,000 स्तर तक है। कंपनी ने रिपोर्ट में कहा कि इस बेस केस के अगले 12 महीनों में पूरा होने की संभावना कम-से-कम 50 % है।
भारतीय शेयर बाजार ने इस साल उभरते बाजारों के मुकाबले तीन दशकों का सबसे कमजोर प्रदर्शन किया है। यह 2026 में फिर मजबूत रफ्तार पकड़ सकता है। ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टैनली ने अनुमान जताया है कि दिसंबर 2026 तक सेंसेक्स 95,000 के बेस-केस स्तर पर पहुंच सकता है। जबकि, तेजी वाले हालात में 1,07,000 अंक छू सकता है।
मॉर्गन स्टैनली का कहना है कि नीति सुधारों और रिफ्लेशन रणनीतियों से अर्थव्यवस्था बेहतर कॉर्पोरेट अर्निंग्स की ओर बढ़ रही। अक्टूबर में वैल्यूएशन में जबरदस्त सुधार हुआ। FPI की हिस्सेदारी 20 साल के निचले स्तर पर आई। जबकि, घरेलू निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी बाजार के लिए मजबूत आधार बन रही है। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि आरबीआई (RBI) और सरकार की संयुक्त नीति भविष्य में अर्थव्यवस्था को और गति देगी। इन नीतियों में ब्याज दरों में संभावित कटौती, सीआरआर में ढील, बैंकिंग सेक्टर में आसान नियम, कैपेक्स का तेज क्रियान्वयन और डेढ़ लाख करोड़ रुपये के जीएसटी कट शामिल हैं। भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की संभावना और चीन से रिश्तों में सुधार बाजार सेंटिमेंट को सकारात्मक दिशा में ले जा सकते हैं।
रिपोर्ट में यह भी कहा है कि भारत के लिए वैल्यूएशन रीरेंटिंग का माहौल बन रहा। दरअसल, देश की तेल पर निर्भरता कम हो रही और सर्विस एक्सपोर्ट तेजी पकड़ रहा है। वित्तीय अनुशासन से बचत और निवेश के बीच का अंतर घट रहा है। मॉर्गन स्टैनली ने इस बात पर जोर दिया कि भारत की अर्निंग्स साइकिल अब भी मध्य चरण में है। आने वाले वर्षों में और मजबूत होती जाएगी।
बेस केस में सेंसेक्स 95,000 तक पहुंच सकता है। इसकी 50% संभावना है। इसमें तेल की कम कीमतें, स्थिर ग्लोबल माहौल और घरेलू मांग का मजबूत रहना मुख्य मानक हैं। इस दौरान वित्त वर्ष 28 तक अर्निंग्स 17% सीएजीआर की दर से बढ़ने का अनुमान है। बुल केस में सेंसेक्स 1,07,000 स्तर तक पहुंच सकता है। बशर्ते तेल की कीमतें 65 डॉलर प्रति बैरल से नीचे रहे और व्यापारिक तनावों में कमी हो। इस स्थिति में वित्त वर्ष 25 से वित्त वर्ष 28 के बीच अर्निंग्स 19% सीएजीआर से बढ़ सकती हैं। ब्रोक्रेरज ने इसकी संभावना 30% दी है। मॉर्गन स्टैनली ने कहा है कि बियर केस में, जिसकी 20% संभावना है। सेंसेक्स 76,000 तक गिर सकता है। ऐसा तब होने की संभावना अधिक है, जब तेल 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच जाए, आरबीआई सख्त मौद्रिक नीति अपनाए और वैश्विक स्तर पर आर्थिक मंदी गहराए।
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मॉर्गन स्टैनली का पोर्टफोलियो रणनीति को लेकर कहना है कि बाजार मैक्रो-ड्रिवन होता जा रहा, इसलिए सेक्टर स्तर पर निवेशकों का नजरिया अहम होगा। फर्म ने फाइनेंशियल्स, इंडस्ट्रियल्स और कंज्यूमर डिस्क्रिशनरी सेक्टर को ओवरवेट रेटिंग दी है। जबकि एनर्जी, मटेरियल्स, यूटिलिटीज, हेल्थकेयर को अंडरवेट रखा है। वह किसी एक मार्केट कैप पर निर्भर नहीं है और स्मॉल, मिड तथा लार्ज कैप सभी में समान अवसर देखती है।






