- Hindi News »
- Maharashtra »
- Nashik »
- Trimbakeshwar Prayagtirth Development Project Simhastha Kumbh
नासिक त्र्यंबकेश्वर विकास को नई दिशा, सिंहस्थ से पहले प्रयागतीर्थ बनेगा आधिकारिक कुंभ स्थल
Nashik Prayag Tirth Project: आगामी सिंहस्थ कुंभ को देखते हुए त्र्यंबकेश्वर में ‘प्रयागतीर्थ क्षेत्र विकास’ प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। प्रयागतीर्थ को आधिकारिक कुंभ स्थल घोषित करने की तैयारी चल रही है।
- Written By: अंकिता पटेल

Nashik Prayag Tirth Project ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Trimbakeshwar Simhastha Kumbh: नासिक त्र्यंबकेश्वर को कुंभ मेले का मुख्य धार्मिक केंद्र माना जाता है, लेकिन यहां भक्तों की संख्या नासिक के मुकाबले कम है, इसलिए शहर का उम्मीद के मुताबिक विस्तार और विकास अब तक सीमित रहा है।
आने वाले सिंहस्थ कुंभमेले को देखते हुए, कुंभ मेला अथॉरिटी और प्रशासन ने इस कमी को पूरा करने के लिए ‘प्रयागतीर्थ क्षेत्र विकास’ प्रोजेक्ट शुरू किया है। प्रशासन का मानना है कि इस फैसले से त्र्यंबकेश्वर शहर के विकास के लिए एक नया रास्ता खुलेगा।
इस प्रोजेक्ट के तहत, प्रयागतीर्थ को कुंभ मेले की आधिकारिक जगह घोषित करने की तैयारी चल रही है, और आने वाले सिंहस्थ में इसकी औपचारिक घोषणा की जाएगी।
सम्बंधित ख़बरें
परभणी में ACB का बड़ा एक्शन: घूसखोर डॉक्टर और भू-अभिलेख कर्मचारी रंगे हाथ गिरफ्तार, मचा हड़कंप
Chhatrapati Sambhajinagar: खाने में निकला बाल पति ने की पिटाई, रोज-रोज के झंझट से तंग आकर पत्नी की आत्महत्या
पुणे में खुलेगा महाराष्ट्र का पहला CBSE जिला परिषद स्कूल, ज्याेतिबा फुले की जयंती पर CM फडणवीस करेंगे उद्घाटन
महाराष्ट्र में थमा विकास का पहिया; 96,400 करोड़ के बकाया बिलों को लेकर ठेकेदारों ने 7 अप्रैल से रोके सभी काम
पर्यटन से रोजगार पैदा होने की उम्मीद
यहां भगवान शिव की एक बड़ी मूर्ति बनाई जाएगी। इसलिए, भक्तों को धार्मिक दर्शन ई न के साथ-साथ एक आकर्षक टूरिस्ट अनुभव भी मिलेगा। प्रशासन ने पवित्र गोदावरी नदी में नहाने और दर्शन के लिए एक अच्छी तरह से सुसज्जित घाट बनाने की योजना बनाई है।
घाट बनने से स्थानीय किसानों और छोटे-बड़े कारोबारियों को फायदा होने की संभावना है। रहने की जगह, रेस्टोरेंट, पूजा का सामान, फूल और फल बेचने, स्थानीय खाने की चीजें, छोटे उद्योग वगैरह जैसे कारोबार को बढ़ावा मिलेगा, टूरिज्म खेती के साथ एक कॉर्मप्लमेंट्री कारोबार के तौर पर विकसित हो सकता है। नतीजतन, प्रशासन का मानना है कि त्र्यंबकेश्वर शहर का पूरा विकास तेजी से होगा।
4.2 किलोमीटर का घाट
श्री चंद्रघाट और प्रयागतीर्थ के बीच बहने वाली नदी के बाए और दाएं किनारों पर करीब 4.2 किलोमीटर लंबे घाट बनाए जाएंगे। प्रस्ताव है कि 24 घंटे में इन चाटी पर करीब 57 लाख श्रद्धालु दर्शन और नहाने का फायदा उठा सकेंगे, उम्मीद है कि घाट बनने के बाद भक्त सिर्फ धार्मिक रस्मों तक ही सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि टूरिज्म के मकसद से भी इलाके का दूर करेंगे, पेगलवाड़ी और पाहाणे के बीच का सुंदर इलाका टूरिस्ट को अपनी ओर खींचता है, इस स्कीम के पीछे मुख्य मकसद यह पक्का करना है कि लोकल लोगों को इस कुदरती चीज का फायदा मिले।
प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती
प्रयामतीर्थ विकास प्रकल्प त्र्यंबकेश्वर के लिए एक बड़ी चुनौती है। हालांकि प्रशासन के इसके लिए पूरी तैयारी करने में लगा हुआ है। सभी किसानों को भी जानकारी देने का काम किया जा है। सरकार ने किसानों को आश्वासन दिया, है कि उनके साथ किसी प्रकार का अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
6 घाटी की हालत ऐसी है, तो क्या
अगर शहर के बीच के हिस्से में नगर निगम प्रशासन शहर के बाहर नए घाटी की रेगुलर देखभाल और मरम्मत कर पाएगा? प्रदर्शनकारियों ने यह सवाल उठाया है।
यह भी पढ़ें:-दैनिक यात्रियों के लिए खुशखबरी, कसारा से नासिक तक बढ़ेगी लोकल सेवा, मंत्री का आश्वासन
कुंभमेला अथॉरिटी काम पूरा करके चली जाएगी। लेकिन, लोकल प्रशासन को अगले दस साल तक इन घाटों की देखभाल करनी होगी। इसका दबाव किसानों और गांववालों पर पड़ेगा।
-किसान, कुसुमबाई कडलग
किसानों की शंकाओं का जवाब नहीं
इस डेवलपमेंट प्लान पर स्थानीय किसानों द्वारा कुछ सवाल उठाए जा रहे है। स्थानीय लोगों ने 2015 के कुंभ मेले के लिए बनाए गए घाटों की मौजूदा हालत की और ध्यान दिलाया, आरोप लगाया जा रहा है कि पिछले दस से बारह सालों में उन घाटी का इस्तेमाल ठोस कचरा फेंकने और आवारा जानवरों को रहने की जगह देने के लिए किया गया है।
Trimbakeshwar prayagtirth development project simhastha kumbh
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
लेटेस्ट न्यूज़
परभणी में ACB का बड़ा एक्शन: घूसखोर डॉक्टर और भू-अभिलेख कर्मचारी रंगे हाथ गिरफ्तार, मचा हड़कंप
Apr 09, 2026 | 04:37 PMExplainer: LPG संकट से पेट्रोल-डीजल तक… US-ईरान सीजफायर से भारत को क्या होगा फायदा? जानें सबकुछ
Apr 09, 2026 | 04:35 PMTraffic Jam की टेंशन खत्म: रोज की ड्राइविंग होगी आसान, बस अपनाएं ये स्मार्ट टिप्स
Apr 09, 2026 | 04:23 PMChhatrapati Sambhajinagar: खाने में निकला बाल पति ने की पिटाई, रोज-रोज के झंझट से तंग आकर पत्नी की आत्महत्या
Apr 09, 2026 | 04:23 PMKKR vs LSG: कोलकाता नाइट राइडर्स का सामना लखनऊ सुपर जायंट्स से, जानें हेड टू हेड में किसका पलड़ा है भारी
Apr 09, 2026 | 04:20 PMपुणे में खुलेगा महाराष्ट्र का पहला CBSE जिला परिषद स्कूल, ज्याेतिबा फुले की जयंती पर CM फडणवीस करेंगे उद्घाटन
Apr 09, 2026 | 04:13 PMभूतिया थीम में बदला ‘लाफ्टर शेफ्स’ का किचन, राजपाल यादव की एंट्री और डांस ने मचाया धमाल
Apr 09, 2026 | 04:12 PMवीडियो गैलरी

ममता का मास्टरप्लान या भाजपा की अंदरूनी कलह? पहले चरण की वोटिंग से पहले बदल गया पूरा नैरेटिव!
Apr 09, 2026 | 07:08 AM
कानपुर के ‘किडनी कांड’ को लेकर अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर साधा निशाना, कही बड़ी बात
Apr 08, 2026 | 10:49 PM
SDM के सामने जल निगम अधिकारियों पर क्यों भड़के भाजपा विधायक रत्नाकर मिश्रा
Apr 08, 2026 | 10:37 PM
उधार के शब्द और सरेआम फजीहत! शहबाज शरीफ के पोस्ट में निकली ऐसी गलती, पूरी दुनिया में उड़ रहा है मजाक
Apr 08, 2026 | 10:27 PM
बुद्ध और गांधी का देश अलग-थलग, आतंकी पाकिस्तान बना शांति दूत; संजय सिंह का PM मोदी पर बड़ा हमला- VIDEO
Apr 08, 2026 | 09:59 PM
सफाई के नाम पर खेल! गांधीधाम स्टेशन पर डस्टबिन का कचरा ट्रैक पर फेंका, वायरल वीडियो देख रेलवे ने मांगी माफी
Apr 08, 2026 | 09:51 PM











