- Hindi News »
- Maharashtra »
- Nashik »
- Trimbakeshwar Prayagtirth Development Project Simhastha Kumbh
नासिक त्र्यंबकेश्वर विकास को नई दिशा, सिंहस्थ से पहले प्रयागतीर्थ बनेगा आधिकारिक कुंभ स्थल
Nashik Prayag Tirth Project: आगामी सिंहस्थ कुंभ को देखते हुए त्र्यंबकेश्वर में ‘प्रयागतीर्थ क्षेत्र विकास’ प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। प्रयागतीर्थ को आधिकारिक कुंभ स्थल घोषित करने की तैयारी चल रही है।
- Written By: अंकिता पटेल

Nashik Prayag Tirth Project ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Trimbakeshwar Simhastha Kumbh: नासिक त्र्यंबकेश्वर को कुंभ मेले का मुख्य धार्मिक केंद्र माना जाता है, लेकिन यहां भक्तों की संख्या नासिक के मुकाबले कम है, इसलिए शहर का उम्मीद के मुताबिक विस्तार और विकास अब तक सीमित रहा है।
आने वाले सिंहस्थ कुंभमेले को देखते हुए, कुंभ मेला अथॉरिटी और प्रशासन ने इस कमी को पूरा करने के लिए ‘प्रयागतीर्थ क्षेत्र विकास’ प्रोजेक्ट शुरू किया है। प्रशासन का मानना है कि इस फैसले से त्र्यंबकेश्वर शहर के विकास के लिए एक नया रास्ता खुलेगा।
इस प्रोजेक्ट के तहत, प्रयागतीर्थ को कुंभ मेले की आधिकारिक जगह घोषित करने की तैयारी चल रही है, और आने वाले सिंहस्थ में इसकी औपचारिक घोषणा की जाएगी।
सम्बंधित ख़बरें
यवतमाल ST बस अपडेट: महिलाओं और बुजुर्गों के लिए बदला नियम; 199 रुपये में बनेगा डिजिटल यात्रा कार्ड
डेक्कन जिमखाना में बढ़ा तनाव, आर-पार की चेतावनी, सड़क की जगह ‘कलाकार कट्टा’ ? निवासियों का प्रशासन पर आरोप
मुंबई मेट्रो 2B का काम तेज: कुर्ला के हलाव ब्रिज पर बिछे गर्डर, एयरपोर्ट फनल जोन की चुनौती पार
ST महामंडल के कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, 100 करोड़ का फंड जारी, फरवरी की सैलरी के साथ आएगा बकाया पैसा
पर्यटन से रोजगार पैदा होने की उम्मीद
यहां भगवान शिव की एक बड़ी मूर्ति बनाई जाएगी। इसलिए, भक्तों को धार्मिक दर्शन ई न के साथ-साथ एक आकर्षक टूरिस्ट अनुभव भी मिलेगा। प्रशासन ने पवित्र गोदावरी नदी में नहाने और दर्शन के लिए एक अच्छी तरह से सुसज्जित घाट बनाने की योजना बनाई है।
घाट बनने से स्थानीय किसानों और छोटे-बड़े कारोबारियों को फायदा होने की संभावना है। रहने की जगह, रेस्टोरेंट, पूजा का सामान, फूल और फल बेचने, स्थानीय खाने की चीजें, छोटे उद्योग वगैरह जैसे कारोबार को बढ़ावा मिलेगा, टूरिज्म खेती के साथ एक कॉर्मप्लमेंट्री कारोबार के तौर पर विकसित हो सकता है। नतीजतन, प्रशासन का मानना है कि त्र्यंबकेश्वर शहर का पूरा विकास तेजी से होगा।
4.2 किलोमीटर का घाट
श्री चंद्रघाट और प्रयागतीर्थ के बीच बहने वाली नदी के बाए और दाएं किनारों पर करीब 4.2 किलोमीटर लंबे घाट बनाए जाएंगे। प्रस्ताव है कि 24 घंटे में इन चाटी पर करीब 57 लाख श्रद्धालु दर्शन और नहाने का फायदा उठा सकेंगे, उम्मीद है कि घाट बनने के बाद भक्त सिर्फ धार्मिक रस्मों तक ही सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि टूरिज्म के मकसद से भी इलाके का दूर करेंगे, पेगलवाड़ी और पाहाणे के बीच का सुंदर इलाका टूरिस्ट को अपनी ओर खींचता है, इस स्कीम के पीछे मुख्य मकसद यह पक्का करना है कि लोकल लोगों को इस कुदरती चीज का फायदा मिले।
प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती
प्रयामतीर्थ विकास प्रकल्प त्र्यंबकेश्वर के लिए एक बड़ी चुनौती है। हालांकि प्रशासन के इसके लिए पूरी तैयारी करने में लगा हुआ है। सभी किसानों को भी जानकारी देने का काम किया जा है। सरकार ने किसानों को आश्वासन दिया, है कि उनके साथ किसी प्रकार का अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
6 घाटी की हालत ऐसी है, तो क्या
अगर शहर के बीच के हिस्से में नगर निगम प्रशासन शहर के बाहर नए घाटी की रेगुलर देखभाल और मरम्मत कर पाएगा? प्रदर्शनकारियों ने यह सवाल उठाया है।
यह भी पढ़ें:-दैनिक यात्रियों के लिए खुशखबरी, कसारा से नासिक तक बढ़ेगी लोकल सेवा, मंत्री का आश्वासन
कुंभमेला अथॉरिटी काम पूरा करके चली जाएगी। लेकिन, लोकल प्रशासन को अगले दस साल तक इन घाटों की देखभाल करनी होगी। इसका दबाव किसानों और गांववालों पर पड़ेगा।
-किसान, कुसुमबाई कडलग
किसानों की शंकाओं का जवाब नहीं
इस डेवलपमेंट प्लान पर स्थानीय किसानों द्वारा कुछ सवाल उठाए जा रहे है। स्थानीय लोगों ने 2015 के कुंभ मेले के लिए बनाए गए घाटों की मौजूदा हालत की और ध्यान दिलाया, आरोप लगाया जा रहा है कि पिछले दस से बारह सालों में उन घाटी का इस्तेमाल ठोस कचरा फेंकने और आवारा जानवरों को रहने की जगह देने के लिए किया गया है।
Trimbakeshwar prayagtirth development project simhastha kumbh
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
लेटेस्ट न्यूज़
यवतमाल ST बस अपडेट: महिलाओं और बुजुर्गों के लिए बदला नियम; 199 रुपये में बनेगा डिजिटल यात्रा कार्ड
Feb 22, 2026 | 11:15 AMडेक्कन जिमखाना में बढ़ा तनाव, आर-पार की चेतावनी, सड़क की जगह ‘कलाकार कट्टा’ ? निवासियों का प्रशासन पर आरोप
Feb 22, 2026 | 11:13 AMPM Kisan Yojana: 22वीं किस्त के 2000 के लिए तुरंत चेक करें लिस्ट, ऐसे जानें अपना नाम
Feb 22, 2026 | 11:10 AM97 साल के बुजुर्ग को दी अनोखी अंतिम विदाई; दोस्तों ने श्मशान में ताश खेल मांगीलाल को दी श्रद्धांजलि
Feb 22, 2026 | 11:10 AMमुंबई मेट्रो 2B का काम तेज: कुर्ला के हलाव ब्रिज पर बिछे गर्डर, एयरपोर्ट फनल जोन की चुनौती पार
Feb 22, 2026 | 11:08 AMमेरठ से दिल्ली अब सिर्फ 55 मिनट में, PM मोदी और CM योगी आज दिखाएंगे मेट्रो को हरी झंडी
Feb 22, 2026 | 11:02 AMपरीक्षा केंद्र पर बेहोश हुई छात्रा, होश आते ही अस्पताल में पूरा किया 12वीं का पेपर! अमरावती में चर्चा तेज
Feb 22, 2026 | 11:01 AMवीडियो गैलरी

मां के प्यार को तरसा नन्हा बंदर: खिलौने को बनाया सहारा, जापान के ‘पंच’ की रुला देने वाली कहानी हुई वायरल
Feb 21, 2026 | 08:32 PM
AI Summit 2026: दिल्ली की सड़कों पर पैदल चलने को मजबूर विदेशी मेहमान, अव्यवस्था देख बोले- ‘तभी टैलेंट देश…’
Feb 21, 2026 | 08:23 PM
हाथरस के इस पिता को सलाम! दिव्यांग बेटी के सपनों के लिए अपनी पीठ को बनाया कंधा, देखें यह वायरल VIDEO
Feb 21, 2026 | 03:35 PM
ग्रेटर नोएडा के रयान स्कूल में शर्मनाक लापरवाही! 1 घंटे तक बाथरूम में बंद रही छात्रा, उल्टा लिखवाया माफीनामा
Feb 21, 2026 | 03:29 PM
अलीगढ़ में मानवता शर्मसार! बीमार दलित छात्रा से शौचालय साफ कराने का दबाव, इनकार करने पर गालियां और पिटाई
Feb 21, 2026 | 03:25 PM
‘अंधे थे राजा…सिर्फ बेटे की चिंता’, मैथिली ठाकुर ने सदन में खोली ‘लालू राज’ की पोल; नीतीश के बताया युधिष्ठिर
Feb 20, 2026 | 09:12 PM











