
शेयर मार्केट (सोर्स-सोशल मीडिया)
Global Share Market Volatility 2026: भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को कारोबार की शुरुआत भारी बिकवाली और लाल निशान के साथ हुई। वैश्विक बाजारों में जारी उथल-पुथल के बीच सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही महत्वपूर्ण स्तरों से नीचे गिर गए। वैश्विक शेयर बाजार में अस्थिरता की इस लहर ने घरेलू निवेशकों के बीच काफी डर का माहौल बना दिया है। इसके साथ ही डॉलर के मुकाबले रुपया अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है।
बुधवार सुबह करीब 09:15 के आस-पास शेयर बाजार के बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट का सिलसिला जारी रहा। सेंसेक्स 385 अंक गिरकर 81,794 पर खुला, जबकि निफ्टी 91 अंकों की टूट के साथ 25,141 पर रहा। शुरुआती कारोबार में कुछ मिनटों की मामूली तेजी के बाद बाजार फिर से दबाव में आ गया।
घरेलू शेयर बाजार की गिरावट के साथ-साथ मुद्रा बाजार से भी बहुत ही बुरी खबर सामने आई। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 91.07 के अब तक के सबसे निचले स्तर पर खुला है। रुपये की इस कमजोरी ने अर्थव्यवस्था और आयात से जुड़े खर्चों को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाने की धमकियों ने वैश्विक बाजारों को हिला दिया। वॉल स्ट्रीट पर पिछले सत्र में भारी गिरावट दर्ज की गई थी, जिसका सीधा असर एशियाई बाजारों पर पड़ा। ट्रंप के ग्रीनलैंड मुद्दे से जुड़ी बयानबाजी ने दुनिया भर के निवेशकों को काफी डराया है।
अमेरिकी बाजार मंगलवार को तीन महीने की सबसे बड़ी एक दिवसीय गिरावट के साथ बंद हुए थे। डॉऊ जोन्स 1.76 प्रतिशत गिर गया, जबकि नैस्डैक में 2.39 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। एप्पल, टेस्ला और एनवीडिया जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयर भी इस बिकवाली में काफी नीचे आ गए।
बाजार में अनिश्चितता के बीच निवेशकों ने सुरक्षित निवेश के रूप में सोने और चांदी की ओर रुख किया। सोने की कीमतें 0.8 प्रतिशत बढ़कर 4,806 डॉलर प्रति औंस के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गईं। चांदी भी तेजी के साथ 95.01 डॉलर के स्तर पर कारोबार करती हुई नजर आई।
वैश्विक मांग में कमी की आशंका के कारण कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। ब्रेंट क्रूड 1.31 प्रतिशत गिरकर 64.07 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गया है। जबकि यूएस वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट की कीमतें 1.21 प्रतिशत टूटकर 59.65 डॉलर पर ट्रेड कर रही हैं।
ट्रंप के बयानों और ग्लोबल तनाव के चलते भारतीय निवेशकों को पिछले दो दिनों में भारी झटका लगा। रिपोर्टों के अनुसार शेयर बाजार में आई इस गिरावट से निवेशकों की लगभग 13 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति डूब गई। यह गिरावट निवेशकों के लिए एक बहुत बड़ी चेतावनी के रूप में सामने आई है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि ग्लोबल संकेतों और बजट से पहले की चिंताओं के कारण बाजार में अस्थिरता रहेगी। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे वर्तमान स्थिति में काफी सतर्क होकर निवेश करें। जब तक वैश्विक स्थितियां स्थिर नहीं होतीं, तब तक बाजार पर दबाव बने रहने की संभावना है।






