Budget 2026: केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 6 बड़े 'गिफ्ट्स', सैलरी से लेकर पेंशन तक, बजट में हो सकता है बदलाव

Budget 2026: साल 2026 का यह बजट सरकारी कर्मचारियों के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इस समय 8वें वेतन आयोग के गठन और फिटमेंट फैक्टर को लेकर चर्चाएं अपने चरम पर हैं।
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बजट 2026, ( डिजाइन फोटो)
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Central Employees In Budget 2026: केंद्रीय बजट 2026-27 की तारीख जैसे-जैसे करीब आ रही है, देश के करोड़ों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की निगाहें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के पिटारे पर टिकी हैं। साल 2026 का यह बजट सरकारी कर्मचारियों के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इस समय 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के गठन और फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) को लेकर चर्चाएं अपने चरम पर हैं।

1. 8वें वेतन आयोग के गठन का ऐलान?

केंद्रीय कर्मचारियों की सबसे बड़ी और प्रमुख मांग 8वें वेतन आयोग के गठन को लेकर है। आमतौर पर हर 10 साल में एक नया वेतन आयोग लागू किया जाता है। 7वां वेतन आयोग 2016 में लागू हुआ था, जिसके अनुसार 2026 में 8वें वेतन आयोग का लागू होना प्रस्तावित है। बजट 2026 में सरकार इसके गठन के लिए एक समिति या शुरुआती फंड का ऐलान कर सकती है। यदि ऐसा होता है, तो कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी ₹18,000 से बढ़कर ₹26,000 तक पहुंच सकती है।

2. फिटमेंट फैक्टर में बढ़ोतरी की उम्मीद

वर्तमान में केंद्रीय कर्मचारियों का फिटमेंट फैक्टर 2.57 है। कर्मचारी यूनियन लंबे समय से इसे बढ़ाकर 3.68 करने की मांग कर रहे हैं। बजट 2026 में यदि सरकार फिटमेंट फैक्टर पर कोई सकारात्मक फैसला लेती है, तो इससे न केवल बेसिक सैलरी में बड़ा उछाल आएगा, बल्कि इसका सीधा असर भत्तों और पेंशन पर भी पड़ेगा।

3. महंगाई भत्ते और महंगाई राहत का गणित

जनवरी 2026 के लिए महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का ऐलान भी इसी समय के आसपास होना है। विशेषज्ञों का मानना है कि मुद्रास्फीति की दर को देखते हुए सरकार डीए में 3% से 4% की बढ़ोतरी कर सकती है। बजट में इसके लिए वित्तीय प्रावधान किए जाने की पूरी संभावना है, जिससे 50 लाख कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनभोगियों को लाभ होगा।

4. पुरानी पेंशन योजना  बनाम NPS पर नजर

पेंशन का मुद्दा 2026 के बजट में सबसे गरमाया हुआ रह सकता है। हाल ही में सरकार ने यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) को मंजूरी दी है, जो अप्रैल 2026 से लागू होने वाली है। बजट में UPS के लिए विशेष बजट आवंटन और इसके कार्यान्वयन की रूपरेखा पेश की जा सकती है। हालांकि, कई कर्मचारी संगठन अभी भी पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली की मांग कर रहे हैं, जिस पर सरकार का रुख स्पष्ट हो सकता है।

5. इनकम टैक्स स्लैब और सेक्शन 80C

मध्यम वर्गीय सरकारी कर्मचारियों के लिए टैक्स छूट हमेशा से एक बड़ा विषय रहा है। उम्मीद है कि बजट 2026 में सेक्शन 80 सी की ₹1.5 लाख की सीमा को बढ़ाकर ₹2.5 लाख किया जा सकता है, जो पिछले कई सालों से स्थिर है। इसके अलावा स्टैंडर्ड डिडक्शन ₹50,000 से बढ़ाकर ₹75,000 या ₹1 लाख करने की मांग है ताकि बढ़ती महंगाई से राहत मिल सके।

6. भत्तों (Allowances) का पुनरीक्षण

HRA (मकान किराया भत्ता) और अन्य भत्तों को लेकर भी कर्मचारी उम्मीद लगाए बैठे हैं। चूंकि कई शहरों का वर्गीकरण (X, Y, Z श्रेणी) बदल चुका है, इसलिए बजट में आवास भत्ते में वृद्धि या नए मानदंडों का ऐलान किया जा सकता है।

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