
रेलवे स्टेशन पर भीड़ (सोर्स: सोशल मीडिया)
Railway Crowd Management Plan: मुंबई सहित देश के प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर लगातार बढ़ रही यात्री भीड़ और उससे जुड़ी सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन की दिशा में अहम कदम उठाया है। मध्य और पश्चिम रेलवे के कई महत्त्वपूर्ण स्टेशनों पर वैज्ञानिक पद्धति से भीड़ नियंत्रण की योजना बनाने के लिए सर्वे शुरू कर दिया गया है। यह सर्वे रेल इंडिया टेक्निकल एंड इकोनॉमिक सर्विस (राइट्स) के माध्यम से कराया जा रहा है।
मुंबई के सबसे व्यस्त स्टेशन बांद्रा, बांद्रा टर्मिनस, कुर्ला, मुंबई सेंट्रल, छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, प्रभादेवी और दादर को इस सर्वे में शामिल किया गया है। इसके अलावा पुणे, नासिक और अहमदाबाद के प्रमुख स्टेशनों पर भी अध्ययन किया गया है। रेलवे प्रशासन को एक प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी जा चुकी है, जिसमें कुछ स्टेशनों पर और विस्तृत सर्वे की जरूरत बताई गई है। अधिकारियों के मुताबिक, एक स्टेशन के सर्वे में औसतन दो महीने का समय लगेगा और प्रति स्टेशन लागत करीब 40 लाख रुपये आंकी गई है। अंतिम रिपोर्ट के बाद काम चरणों में शुरू किया जाएगा।
इस सर्वे के तहत स्टेशनों पर पीक ऑवर्स के दौरान यात्रियों की संख्या, ट्रेनों के आगमन प्रस्थान का समय, प्लेटफार्म की क्षमता, सीढ़ियां, फुटओवर ब्रिज, एस्केलेटर, लिफ्ट, टिकट काउंटर और प्रवेश-निकास मार्गों की बारीकी से जांच की जा रही है। इन सभी मानकों के आधार पर हर स्टेशन के लिए अलग-अलग भीड़ प्रबंधन योजना तैयार की जाएगी, ताकि किसी एक मॉडल को सभी जगह लागू करने के बजाय स्थानीय जरूरतों के अनुसार समाधान निकाला जा सके।
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सर्वे रिपोर्ट के आधार पर यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नए होल्डिंग एरिया, विस्तारित वेटिंग जोन, स्पष्ट दिशासूचक संकेत, डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड, बैठने की बेहतर व्यवस्था, पीने के पानी और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं के विस्तार की सिफारिश की जाएगी। साथ ही आपात स्थिति में उपयोग हो सकने वाले खुले मार्गों और सुरक्षित प्रतीक्षा स्थलों की भी योजना बनाई जा रही है, ताकि अत्यधिक भीड़ के दौरान अव्यवस्था न फैले।
– नवभारत लाइव के लिए मुंबई से अभिषेक पाठक की रिपोर्ट






