Meesho IPO को बोर्ड से मिली मंजूरी, ₹4250 करोड़ जुटाने की तैयारी में कंपनी

देश की मशहूर ई-कॉमर्स कंपनी मिशो अब आईपीओ लाने की तैयारी में जुट गई है। हालांकि, आईपीओ का आकार कितने का होगा यह फाइनल नहीं हुआ है। कंपनी अब DHRP फाइल करेगी।
Meesho IPO
प्रतीकात्मक तस्वीर
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नई दिल्ली: देश की ई-कॉमर्स स्टार्टअप कंपनी मिशो (Meesho) आईपीओ के जरिए 4,250 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में लगी है। इसके लिए कंपनी ने अपने शेयरहोल्डर्स से इसकी मंजूरी ले चुकी है। 25 जून को हुई एक्स्ट्राऑर्डिनरी जेनरल मीटिंग ( EGM) में यह प्रस्ताव पास हुआ और 27 जून की रेगुलेटरी फाइलिंग में ये जानकारी सामने आई। अब मिशो शेयर बाजार से फंड जुटाने की प्रोसेस शुरू करने वाला है, जिसमें ताजा इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे और साथ ही कुछ मौजूदा निवेशक भी अपने शेयर बेच सकेंगे।

मिशो कितने का आईपीओ लेकर आएगी अभी यह फाइनल नहीं हुआ। इसके लिए कंपनी को मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रोसपेक्टस (DHRP) फाइल करना होगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मिशो इस गोपनीय रास्ते (Confidential Filing Route) से फाइल करने की प्लानिंग कर रही है। सेबी की ओर से मंजूरी मिलने के बाद ही कंपनी आईपीओ के जरिए पब्लिक से फंड जुटा पाएगी।

IPO लाने से पहले कंपनी में बड़ा बदलाव

गौरतलब है कि शेयरहोल्डर्स कंपनी के को-फाउंडर और सीईओ विदित आत्रे को अब मिशो का चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त करने की भी मंजूरी दे दी है। कंपनी की लीडरशीप को और मजबूत बनाने के लिए यह फैसला लिया गया है, खासकर जब वह आईपीओ लाने की तैयारी कर रही है।

अमेरिका से भारत में खुद को रजिस्टर कराया

आईपीओ लाने से पहले कंपनी ने एक बड़ा बदलाव करते हुए उसने अमेरिका से भारत में अपनी कानूनी मौजूदगी ट्रांसफर कर दी है। न्यूज एजेंसी पीटीआई के रिपोर्ट के अनुसार, यूएस के डेलावेयर में रजिस्टर्ड Meesho Inc. को उसकी भारतीय यूनिट Fashnear Technologies Pvt. Ltd. में विलय कर दिया गया है। इस मर्ज को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT), बेंगलुरु बेंच से मंजूरी भी मिल गई है। भारत सरकार के कॉरपोरेट मामले के मंत्रालय ने 13 मई को जारी एक प्रमाणपत्र के जरिए Fashnear Technologies का नाम बदलकर मिशो प्राइवेट लिमिटेड कर दिया है।

घरेलू बाजार में लिस्टिंग की प्राथमिकता

मिशो की तरह फ्लिपकार्ट भी अपने आईपीओ से पहले सिंगापुर से भारत में डोमिसाइल शिफ्ट कर रहा है। इससे यह पता चलता है कि इंडियन टेक कंपनियां अब घरेलू बाजार में लिस्टिंग को प्राथमिकता दे रही हैं, जिससे घरेलू निवेशकों को भी इन ग्रोथ स्टोरीज का हिस्सा बनने का मौका मिले।

मिशो का आईपीओ भविष्य में देश के स्टार्टअप आईपीओ में एक हलचल पैदा कर सकता है। कंपनी का भारत लौटना और सार्वजनिक होने की प्लानिंग इस बात की ओर इशारा करता है कि अब भारतीय स्टार्टअप्स घरेलू निवेशकों को सीधा हिस्सा देने के लिए तैयार हैं।

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