
8वां वेतन आयोग (सोर्स-सोशल मीडिया)
Central Government Employees Salary Hike 2026: केंद्र सरकार के करीब डेढ़ करोड़ कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ आ गया है, क्योंकि 7वें वेतन आयोग का 10 साल का कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 को आधिकारिक रूप से समाप्त हो गया है। अब 1 जनवरी 2026 से 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें प्रभावी मानी जा रही हैं, जिससे वेतन, भत्तों और पेंशन में बड़े संशोधन की उम्मीद जगी है।
हालांकि इन सिफारिशों को पूरी तरह लागू होने में 18 से 24 महीने का समय लग सकता है, लेकिन कर्मचारियों को बढ़ा हुआ वेतन एरियर के साथ मिलने की संभावना है। सरकार द्वारा नियमों में किए गए हालिया बदलावों ने भविष्य की वेतन वृद्धि का आधार तैयार कर दिया है।
8वें वेतन आयोग के लागू होने से सबसे बड़ा फायदा वेतन संरचना में देखने को मिलेगा, जहां फिटमेंट फैक्टर को मुख्य आधार बनाया जाएगा। विशेषज्ञों का अनुमान है कि लेवल-1 के कर्मचारियों का न्यूनतम मूल वेतन 18,000 रुपये से बढ़कर सीधे 38,700 रुपये तक पहुंच सकता है। वहीं कैबिनेट सचिव जैसे शीर्ष अधिकारियों के वेतन में भी सबसे अधिक वृद्धि होने की संभावना जताई जा रही है जो पिछले आयोग के मुकाबले कहीं ज्यादा होगी।
7वें वेतन आयोग में 2.57 के फिटमेंट फैक्टर ने निचले स्तर के कर्मचारियों को बड़ी राहत दी थी, लेकिन अब 8वें वेतन आयोग में यह आंकड़ा और भी आकर्षक हो सकता है। नए नियमों के तहत एचआरए (HRA), ट्रांसपोर्ट अलाउंस और अन्य महत्वपूर्ण भत्तों की समीक्षा की जाएगी ताकि बढ़ती महंगाई के बीच कर्मचारियों की क्रय शक्ति बनी रहे। जनवरी 2024 से ग्रेच्युटी की टैक्स-फ्री सीमा को भी 20 लाख से बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दिया गया है।
सरकार ने 1 अप्रैल 2025 से यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) को लागू कर पेंशन व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव किया है जो एनपीएस और पुरानी पेंशन का मिश्रण है। इसमें कर्मचारियों को गारंटीड पेंशन और महंगाई के साथ जुड़ाव का लाभ मिलता है, जो 8वें वेतन आयोग के साथ मिलकर पेंशनर्स की वित्तीय सुरक्षा को और मजबूत करेगा। कम से कम 10 साल की सेवा पूरी करने वाले कर्मचारियों को अब 10,000 रुपये मासिक पेंशन की न्यूनतम गारंटी दी गई है।
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7वें वेतन आयोग के अंत तक महंगाई भत्ता (DA) 58% के स्तर तक पहुंच गया था, जिसे अब नए वेतन ढांचे में मर्ज किए जाने की संभावना है। अगर 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों के क्रियान्वयन में देरी होती है, तो कर्मचारियों को 1 जनवरी 2026 से बकाया एरियर का भुगतान किया जाएगा। यह सुनिश्चित करेगा कि वेतन आयोग के गठन में होने वाली देरी का आर्थिक नुकसान कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को न उठाना पड़े।






