Share Market Crash: 5 दिनों में 2200 अंक टूटा सेंसेक्स, निवेशकों का 13 लाख करोड़ साफ; क्यों हुआ ये हाल?

Share Market: बीएसई टॉप-30 शेयरों में 21 गिरावट के साथ बंद हुए, जबिक बाकि 9 शेयरों में तेजी रही। पिछले पांच कारोबारी दिनों के दौरान सेंसेक्‍स में 2186 अंकों की बड़ी गिरावट आई है।
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शेयर मार्केट, (डिजाइन फोटो- AI)
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Share Market Crash: सोमवार से लेकर शुक्रवार तक पूरे हफ्ते घरेलू शेयर बाजार का लिए काफी नकारात्मक रहा है। पिछले 5 दिनों में बीएसई सेंसेक्स लगभग 2200 अंक कमजोर हुआ है। हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन सेंसेक्‍स 604 अंक गिरकर 83,576 और निफ्टी 193 अंक टूटकर 25683 के स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी बैंक में भी 435 अंकों की गिरावट दर्ज की गई।

बीएसई टॉप-30 शेयरों में 21 गिरावट के साथ बंद हुए, जबिक बाकि 9 शेयरों में तेजी रही। पिछले पांच कारोबारी दिनों के दौरान सेंसेक्‍स में 2186 अंकों की बड़ी गिरावट आई है। वहीं NSE निफ्टी में 2.5 फीसदी की गिरावट रही है। इस भारी गिरावट के कारण लगातार पांच कारोबारी सत्रों में बीएसई के मार्केट कैप में 13 लाख करोड़ रुपये से ज्‍यादा की गिरावट रही।

मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्‍स में बड़ी गिरावट

इस बड़ी गिरावट के कारण बीएसई के मिड-कैप और स्मॉल-कैप इंडेक्‍स में गिरावट दर्ज की गई। यह बिकवाली मुख्य रूप से रूस से तेल आयात करने वाले देशों के खिलाफ अमेरिकी व्यापारिक कार्रवाइयों में बढ़े टेंशन के कारण हुआ है। आइए उन कारणों को जानते हैं जिसकी वजह से शेयर बाजार में यह गिरावट देखने को मिल रही है।

5 दिन में निवेशकों का 13 लाख करोड़ साफ

बीएसई के मार्केट कैप के आधार पर मापी गई निवेशक संपत्ति पिछले सत्र के 472.25 लाख करोड़ रुपये से घटकर 467.87 लाख करोड़ रुपये रह गई, जिसमें 4.38 लाख करोड़ रुपये की गिरावट आई है। इस तरह से पिछले 5 सत्रों में यह आंकड़ा 13.37 लाख करोड़ रुपये कम हुआ है।

 शेयर बाजार में क्यों आई गिरावट?

1. अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक विधेयक को मंजूरी दे दी है जिससे अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के बावजूद रूसी तेल खरीदना जारी रखने वाले भारत, चीन और ब्राजील जैसे देशों पर टैरिफ में भारी वृद्धि हो सकती है, जो 500% तक हो सकता है।

2. विदेशी निवेशकों द्वारा लगातार बिकवाली ने 5 दिनों की गिरावट के दौरान बाजार की कमजोरी को और बढ़ा दिया है। विदेशी निवेशकों ने 8 जनवरी को 3,367.12 करोड़ रुपये के भारतीय शेयर बेचे।

3. ग्लोबल बाजारों में कमजोरी ने भारतीय इक्विटी में सतर्कता को और भी बढ़ा दिया है। एशियाई स्टॉक मार्केट थोड़े नीचे आए हैं. साथ ही भारत अमेरिका के बीच डील भी रुका हुआ है।

4. डोनाल्‍ड ट्रंप के टैरिफ पर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में आज फैसला आने वाला है। जिसमें यह तय होगा कि क्‍या दूसरे देशों पर टैरिफ लगाना उचित है कि नहीं।

5. कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भारतीय इक्विटी के लिए एक और चुनौती बनकर उभरी हैं, खासकर देश की कच्चे तेल के आयात पर भारी निर्भरता को देखते हुए। भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने से तेल की कीमतें बढ़ीं और ग्‍लोबल दबाव दिख रहा है।

अमेरिकी कोर्ट के फैसले पर दुनिया की नजर

एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि ट्रंप के खिलाफ फैसला आने की प्रबल संभावना है, लेकिन महत्वपूर्ण बात यह है कि क्या फैसला आंशिक रूप से टैरिफ को रद्द करेगा या उन्हें पूरी तरह से अवैध घोषित करेगा। बाजार की प्रतिक्रिया इन विवरणों पर निर्भर करेगी। अगर कौर्ट का फैसला ट्रंप के पक्ष में आता है तो शेयर बाजार में और भी गिरावट देखी जा सकती है।

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