Share Market: शेयर बाजार में बड़ी गिरावट, लाल निशान में खुले निफ्टी-सेंसेक्स; निवेशकों का 2.3 लाख करोड़ स्वाहा

Share Market: घरेलू शेयर बाजार में आज गुरुवार को गिरावट का सिलसिला जारी है। जहां कारोबार के दौरान सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान में खुले। बाजार में गिरावट से निवेशकों को करोड़ का झटका लगा है।
share market closing update 23rd july
शेयर मार्केट, (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Share Market Opening Bell 23rd July 2026: भारतीय शेयर बाजार में आज गुरुवार, 23 जुलाई को गिरावट के संकेत देखने को मिल रहे हैं। जहां बाजार के दोनों प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान में खुले। शुरुआत ट्रेड के दौरान बीएसई सेंसेक्स -293.75 अंक या 0.38 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,461.30 पर कारोबार करते नजर आए। वहीं, एनएसई निफ्टी -79.50 अंक या 0.33 प्रतिशत टूटकर 23,916.75 पर ट्रेड कर रहा है। सेंसेक्स के टॉप-30 शेयरों में से 27 स्टॉक लाल निशान में गिरकर कारोबार कर रहे हैं। वहीं सिर्फ तीन शेयरों हल्की उछाल देखने को मिल रही है।

सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो मिडकैप, स्मॉलकैप और लार्जकैप में शेयरों में गिरावट देखी जा रही है। डिफेंस इंडेक्स भी लाल निशान में बना हुआ है। जबकि, पॉवर और एनर्टी सेक्टर में भी सुस्ती देखने को मिली। गुरुवार के दिन ऑटो सेक्टर का भी बुरा हाल रहा और यह 22 अंक टूटकर ट्रेड करता हुआ नजर आया। बैंकएक्स सेक्टर में बड़ी गिरावट देखी जा रही है और यह 500 अंकों से अधिक की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है।

आज के टॉप-5 गेनर्स

  • ETERNAL- इटर्नल
  • TRENT- ट्रेंट
  • M&M- महिंद्रा एंड महिंद्रा
  • BAJAJFINSV- बजाज फिनसर्व
  • HCLTECH- एचसीएल टेक

आज के टॉप-5 लूजर्स

  • BAJFINANCE- बजाज फाइनेंस
  • TATASTEEL- टाटा स्टील
  • HDFCBANK- एचडीएफसी बैंक
  • ADANIPORTS- अडानीपोर्ट
  • INFY- इंफोसिस

दुनिया के अन्य बाजारों का हाल

वैश्विक बाजारों में मिलाजुला कारोबार हो रहा है। टोक्यो, हांगकांग, सोल और जकार्ता हरे निशान में थे। वहीं, शंघाई लाल निशान में था। अमेरिकी शेयर बाजार बुधवार के सत्र में लाल निशान में बंद हुआ। डाओ जोन्स 0.01 प्रतिशत के साथ सपाट और टेक्नोलॉजी इंडेक्स नैस्डैक 0.57 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ।

तेल की कीमतों ने बिगाड़ा खेल

जानकारों ने कहा कि ईरान-अमेरिका संघर्ष में लाल सागर में सऊदी अरब के तेल टैंकरों पर हमला करके हूती विद्रोहियों की आक्रामक एंट्री ने पश्चिम एशिया के संकट को और गहरा दिया है और ब्रेंट क्रूड की कीमतों को ऊपर धकेल दिया है। ब्रेंट क्रूड का भाव 95 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर रहने से भारतीय शेयर बाजार की निवेशक भावना पर असर पड़ना तय है। ऊंची कच्चे तेल की कीमतों के प्रति भारत की संवेदनशीलता से एक बार फिर व्यापक आर्थिक स्थिति चिंता का विषय बनती जा रही है।

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