भीड़ घटेगी, सुरक्षा बढ़ेगी; मुंबई लोकल को मिलेगा कवच 5.0, दो मिनट के अंतराल पर दौड़ेंगी ट्रेनें

Mumbai Local Kavach 5.0: मुंबई लोकल में जल्द लागू होगा कवच 5.0। दो मिनट के अंतराल पर ट्रेनें चलेंगी, सेवाएं 3,254 से बढ़कर 4,000 होंगी, भीड़ घटेगी और हादसों पर रोक लगेगी।
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मुंबई लोकल कवच 5.0 (सोर्स: AI)
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Mumbai Local Kavach 5.0 Safety System: मुंबई की लाइफलाइन लोकल ट्रेनें अब और सुरक्षित, तेज व अधिक सक्षम बनने की ओर बढ़ रही हैं। भारतीय रेलवे उपनगरीय नेटवर्क के लिए स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली 'कवच 5.0' विकसित कर रहा है, जिसके लागू होने के बाद लोकल ट्रेनें लगभग दो मिनट के अंतराल पर दौड़ सकेंगी।

इससे प्रतिदिन चलने वाली सेवाओं की संख्या 3,254 से बढ़ाकर करीब 4,000 करने का मार्ग प्रशस्त होगा। इतना ही नहीं भीड़भाड़ में कमी आएगी और सिग्नल उल्लंघन, ओवरस्पीडिंग व टक्कर जैसी दुर्घटनाओं पर प्रभावी लगाम लग सकेगी। मुंबई का उपनगरीय रेलवे नेटवर्क दुनिया के सबसे व्यस्त यात्री रेल नेटवर्कों में शामिल है। सेंट्रल और वेस्टर्न रेलवे के कॉरिडोर पर प्रतिदिन लगभग 65 से 68 लाख यात्री सफर करते हैं। वर्तमान में दोनों रेलवे मिलकर 3,254 एसी और नॉन-एसी लोकल सेवाएं संचालित करते हैं।

कवच 5.0 का विकास

लगातार बढ़ती यात्रियों की संख्या के कारण पीक आवर्स में ट्रेनों में अत्यधिक भीड़ रहती है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार मौजूदा सिग्नलिंग प्रणाली अपनी क्षमता के लगभग अंतिम स्तर पर काम कर रही है। ऐसे में उन्नत ट्रेन सुरक्षा प्रणाली के बिना ट्रेनों की संख्या बढ़ाना संभव नहीं है। इसी चुनौती से निपटने के लिए भारतीय रेलवे ने विशेष रूप से उपनगरीय नेटवर्क के लिए कवच 5.0 का विकास शुरू किया है। नई प्रणाली का उद्देश्य दो ट्रेनों के बीच सुरक्षित दूरी को कम करना है, जिससे सुरक्षा से समझौता किए बिना एक ही ट्रैक पर अधिक लोकल ट्रेनें चलाई जा सकें।

इसके लागू होने के बाद मुंबई उपनगरीय नेटवर्क प्रतिदिन करीब 4,000 लोकल सेवाएं संचालित करने में सक्षम होगा। इससे लाखों यात्रियों को भीड़भाड़ से राहत मिलने की उम्मीद है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 11 अप्रैल, 2025 को कवच 5.0 के विकास की घोषणा की थी। वर्तमान में आरडीएसओ इस प्रणाली की तकनीकी विशिष्टताओं को अंतिम रूप देने में जुटा है। इससे पहले भारतीय रेलवे पश्चिमी रेलवे के 693 किलोमीटर लंबे मुंबई-दिल्ली उच्च घनत्व कॉरिडोर सहित प्रमुख मार्गों पर कवच 4.0 लागू कर रहा है।

केबिन में मिलेगी सिग्नल की जानकारी

कवच 5.0 मौजूदा सिग्नलिंग व्यवस्था से अलग कैब-आधारित सिग्नलिंग प्रणाली पर आधारित होगा। इसमें सिग्नल संबंधी सभी जानकारी सीधे लोको पायलट के केबिन के भीतर प्रदर्शित होगी। इससे ट्रैक किनारे लगे पारंपरिक सिग्नलों पर निर्भरता कम होगी और भारी बारिश, कोहरे या कम दृश्यता जैसी परिस्थितियों में भी चालक को वास्तविक समय में आवश्यक जानकारी मिलती रहेगी। हालांकि, संक्रमण काल के दौरान पारंपरिक सिग्नल बैकअप के रूप में बने रहेंगे।

हादसों पर लगेगी प्रभावी रोक

नई प्रणाली को इस प्रकार विकसित किया जा रहा है कि यदि चालक खतरे के सिग्नल को नजरअंदाज करता है या निर्धारित गति सीमा से अधिक गति से ट्रेन चलाता है, तो सिस्टम स्वतः हस्तक्षेप करेगा। आवश्यकता पड़ने पर यह स्वचालित रूप से आपातकालीन ब्रेक लगाकर संभावित दुर्घटना को टाल देगा। इसके अलावा यह ट्रेन की गति और आवाजाही पर लगातार निगरानी रखेगा, जिससे टक्कर की संभावना न्यूनतम हो जाएगी।

बिना बड़े विस्तार के बढ़ेगी क्षमता

वर्तमान में सेंट्रल रेलवे प्रतिदिन 1,840 लोकल सेवाएं संचालित करता है, जिनमें 120 एसी लोकल शामिल हैं। वहीं वेस्टर्न रेलवे 1,414 सेवाएं संचालित करता है, जिनमें 145 एसी लोकल ट्रेनें शामिल हैं। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि कवच 5.0 लागू होने के बाद बड़े पैमाने पर नए ट्रैक बिछाए बिना ही मौजूदा बुनियादी ढांचे का अधिक प्रभावी उपयोग किया जा सकेगा और अतिरिक्त लोकल सेवाएं शुरू करने की क्षमता विकसित होगी।

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