सिविल कोर्ट से सड़क तक गूंजा विरोध, NEET मुद्दे और पश्चिमी उत्तर प्रदेश राज्य को लेकर अधिवक्ताओं का प्रदर्शन

Agra Lawyers Protest: जनमंच के बैनर तले अधिवक्ताओं ने NEET परीक्षा में अनियमितताओं और छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान पृथक पश्चिमी उत्तर प्रदेश राज्य की मांग उठाया गया।
Agra Lawyers Protest Over NEET Controversy Demand Separate Western Uttar Pradesh
अधिवक्ताओं का प्रदर्शन (सोर्स- फोटो नवभारत)
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Agra Lawyers NEET Protest: देश की राजधानी नई दिल्ली में NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं और छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध की चिंगारी अब देशभर में फैलती नजर आ रही है।

इस आंदोलन को अब राजनीतिक और सामाजिक संगठनों का भी समर्थन मिलने लगा है। ताजनगरी आगरा भी इस विरोध से अछूती नहीं रही। आगरा के सिविल कोर्ट परिसर में जनमंच के बैनर तले अधिवक्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनकारियों ने की पृथक पश्चिमी उत्तर प्रदेश राज्य की मांग

प्रदर्शनकारियों ने नई दिल्ली में छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज की कड़ी निंदा करते हुए केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके साथ ही वर्षों से लंबित पृथक पश्चिमी उत्तर प्रदेश राज्य की मांग को भी प्रमुखता से उठाया गया।

अधिवक्ताओं ने सिविल कोर्ट परिसर से चौधरी चरण सिंह प्रतिमा स्थल तक जुलूस निकाला। इस दौरान पूरे क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात रहा। कई बार प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच नोकझोंक भी देखने को मिली, लेकिन स्थिति नियंत्रण में रही।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश हर हाल में बनाकर रहेंगे

प्रदर्शन के दौरान जनमंच पदाधिकारियों ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश को अलग राज्य बनाने की लड़ाई अब निर्णायक चरण में पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा कि यदि इस आंदोलन में लाठी, गोली या किसी भी प्रकार का दमन सहना पड़े तो भी वे पीछे नहीं हटेंगे। उनका स्पष्ट कहना था कि "पश्चिमी उत्तर प्रदेश हर हाल में बनाकर रहेंगे।"

जनमंच ने केंद्र सरकार से आगामी मानसून सत्र में पृथक पश्चिमी उत्तर प्रदेश राज्य के गठन का प्रस्ताव लाने की मांग की। साथ ही NEET प्रकरण को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग उठाई गई।

प्रदर्शन के दौरान संगठन ने 24 जुलाई को दिल्ली कूच का ऐलान करते हुए कहा कि कार्यकर्ता प्रधानमंत्री आवास तक पहुंचकर अनोखे अंदाज में अपना विरोध दर्ज कराएंगे। उनका कहना है कि जब तक छात्रों को न्याय और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को अलग राज्य का दर्जा नहीं मिलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

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