ईरान-इजरायल जंग से महंगा हुआ क्रूड ऑयल, 80 डॉलर के करीब पहुंचा भाव; भारत पर कितना असर

रविवार, 22 जून को अमेरिका ने ईरान के तीन प्रमुख न्यूक्लियर साइट्स पर हमला किया, जिसके बाद से इस बात की चिंता बढ़ गई है कि तेहरान होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर सकता है।
Oil Refinery
प्रतीकात्मक तस्वीर
Updated on

नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में ईरान और इजरायल के बीच भीषण युद्ध जारी है। अब इस जंग में अमेरिका भी कूद पड़ा है और इसके तेज होनी की आशंका से कच्चे तेल की कीमतों में काफी तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। कच्चा तेल अब 80 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है। हालांकि, इसके बावजूद भी भारत में लोगों को राहत है। क्योंकि, कच्चे तेल के भाव बढ़ने के बाद भी भारत में आज पेट्रोल-डीजल के रेट में कोई बदलाव नहीं हुआ है। नई दिल्ली में पेट्रोल 94.77 और डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है।

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, ब्रेंट क्रूड का अगस्त का वायदा भाव 2.61 प्रतिशत बढ़कर 79.19 डॉलर प्रति बैरल हो गया है। रविवार, 22 जून को अमेरिका ने ईरान के तीन प्रमुख न्यूक्लियर साइटों पर हमला किया, जिसके बाद से ही इस बात की चिंता बढ़ गई है कि तेहरान होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर सकता है। भारत में आने वाला तेल का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से होकर आता है।

कच्चे तेल के लिए भारत के पास कई विकल्प

विशेषज्ञों का कहना है कि कच्चे तेल के मोर्चे पर भारत की स्थिति अभी भी अच्छी बनी हुई है। विश्लेषकों ने कहा कि रूस से लेकर अमेरिका और ब्राजील तक, कई ऐसे विकल्प हैं जो जरूरत पड़ने पर आसानी से उपलब्ध है। रूसी तेल को होर्मुज जलडमरूमध्य से अलग रखा गया है। जो स्वेज नहर, केप ऑफ गुड होप या प्रशांत महासागर से होकर आता है। दूसरी तरफ अमेरिका, पश्चिम अफ्रीका और लातिनी अमेरिका से भी तेल मंगाया जा सकता, हालांकि, इसकी लागत थोड़ी अधिक होगी।

रूस से बढ़ा कच्चे तेल का आयात

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव को भारत ने पहले ही भांप लिया था और जून में रूस से कच्चे तेल की खरीद को बढ़ा दिया। आंकड़ों के मुताबिक, भारतीय रिफाइनरी कंपनियां जून में रूस से हर रोज 20 से 22 लाख बैरल कच्चा तेल खरीद रही हैं। यह दो साल का सबसे उंचा आंकड़ा है। इसके साथ ही यह इराक, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और कुवैत से खरीदी गई कुल मात्रा से अधिक है। मई में रूस से भारत का तेल आयात 19.6 लाख बैरल प्रति दिन था। वहीं, जून में अमेरिका से भी तेल आयात बढ़कर 4,39,000 बैरल प्रति दिन था। पिछले महीने यह 2,80,000 बैरल प्रतिदिन रहा था।

भारत के इन शहरों में पेट्रोल सबसे सस्ता

  • पोर्ट ब्लेयर, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह- 82.46 रुपये प्रति लीटर
  • ईटानगर, अरुणाचल प्रदेश- 90.87 रुपये प्रति लीटर
  • सिलवासा, दादरा और नगर हवेली- 92.37 रुपये प्रति लीटर
  • दमन, दमन और दीव- 92.55 रुपये प्रति लीटर
  • हरिद्वार, उत्तराखंड-92.78 रुपये प्रति लीटर
  • रुद्रपुर, उत्तराखंड- 92.94 रुपये प्रति लीटर
  • उना, हिमाचल प्रदेश- 93.27 रुपये प्रति लीटर
  • देहरादून, उत्तराखंड- 93.35 रुपये प्रति लीटर
  • नैनीताल, उत्तराखंड- 93.41 रुपये प्रति लीटर

देश के इन शहरों में डीजल सबसे सस्ता

  • पोर्ट ब्लेयर, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह-78.05 रुपये प्रति लीटर
  • इटानगर, अरुणाचल प्रदेश- 80.38 रुपये प्रति लीटर
  • जम्मू, जम्मूऔर कश्मीर- 81.32 रुपये प्रति लीटर
  • संबा, जम्मू और कश्मीर- 81.58 रुपये प्रति लीटर
  • कठुआ, जम्मू और कश्मीर- 81.97 रुपये प्रति लीटर
  • उधमपुर, जम्मू और कश्मीर- 82.15 रुपये प्रति लीटर
  • चंडीगढ़- 82.44 रुपये प्रति लीटर

भारत में कैसे तय होती है पेट्रोल-डीजल की कीमतें

बता दें कि भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों पर आधारित हैं। इंडियन ऑयल मार्केटिंग कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर विचार करने के बाद रोजाना पेट्रोल और डीजल की कीमतें तय करती हैं। तेल कंपनियां इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम हर सुबह 6 अलग-अलग शहरों के लिए पेट्रोल और डीजल की कीमत की जानकारी अपडेट करती हैं।

Navbharat Live
navbharatlive.com