EFTA को लेकर पीयूष गोयल ने कही बड़ी बात, 10 लाख लोगों को मिलेगा रोजगार

India-EFTA : केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने भारत और यूरोप के बीच में होने वाले फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर कुछ अहम जानकारी साझा की है। उन्होंने इसके 1 अक्टूबर से लागू होने की बात कही है।
Piyush Goyal
पीयूष गोयल, (केंद्रीय मंत्री)
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Piyush Goyal: कॉमर्स मिनिस्टर पीयूष गोयल ने शनिवार को भारत और यूरोपीय फ्री ट्रेड एसोसिएशन के बीच में ट्रेड और इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट यानी टीईपीए को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने जानकारी दी है कि भारत और यूरोप के बीच में होने वाला टीईपीए 1 अक्टूबर से आधिकारिक तौर पर लागू होगा, जिसके चलते भारत में 10 लाख डायरेक्टर एम्पॉयलमेंट के अवसर जनरेट होंगे।

ईएफटीए में आइसलैंड, लिकटेंस्टीन, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड शामिल हैं। 10 मार्च, 2024 को साइन इस ऐतिहासिक समझौते से भारी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश यानी एफडीआई आने और कई सेक्टरों में ट्रेड और इकोनॉमिक पार्टनरशिप गहरी होने की संभावना है। केंद्रीय मंत्री गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया है कि भारत-ईएफटीए टीईपीए 1 अक्टूबर से लागू होगा।

ईएफटीए देशों ने 100 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है, जिससे भारत में 10 लाख प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। ट्रेड, इंवेस्टमेंट और व्यावसायिक साझेदारी को बढ़ावा देने के लिए एक डेडिकेटेड भारत-ईएफटीए डेस्क शुरू किया गया है।

10 लाख रोजगार के अवसर

केंद्रीय मंत्री गोयल ने कहा कि यह डेस्क सरकारी और प्राइवेट कंपनियों, दोनों के लिए 'सिंगल-विंडो प्लेटफॉर्म' के रूप में कार्य करेगा। भारत-ईएफटीए एग्रीमेंट में पहले 10 सालों के अंदर 50 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश यानी एफडीआई शामिल है; अगले 5 सालों में 50 अरब डॉलर का एडिशनल इंवेस्टमेंट और भारत में 10 लाख डायरेक्ट एम्पॉलयमेंट का जनरेशन शामिल है। टीईपीए भारत के सबसे व्यापक व्यापार समझौतों में से एक है और इससे भारतीय निर्यातकों के लिए प्रीमियम यूरोपीय बाजार खुलने की उम्मीद है, साथ ही पूंजी, इनोवेशन और रोजगार के अवसर भी होंगे। इस एग्रीमेंट के अंतर्गत, ईएफटीए अपनी 92.2 प्रतिशत टैरिफ लाइनों की पेशकश कर रहा है, जो इस क्षेत्र में भारत के 99.6 प्रतिशत एक्सपोर्ट को कवर करती है।

इंपोर्ट एक्सपोर्ट होगा कवर

ईएफटीए की बाजार पहुंच की पेशकश में 100 प्रतिशत नॉन एग्री प्रोडक्ट्स और प्रसंस्कृत कृषि उत्पादों यानी पीएपी पर टैरिफ रियायत शामिल है। इस एग्रीमेंट के अंतर्गत, भारत अपनी 82.7 प्रतिशत टैरिफ लाइनों की पेशकश कर रहा है, जो ईएफटीए के 95.3 प्रतिशत निर्यात को कवर करती है, जिसमें से 80 प्रतिशत से अधिक आयात सोना है।

सोने पर प्रभावी शुल्क अपरिवर्तित रहेगा। फार्मा, चिकित्सा उपकरण और प्रसंस्कृत खाद्य आदि क्षेत्रों में पीएलआई से संबंधित संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए प्रस्ताव दिए गए हैं। डेयरी, सोया, कोयला और संवेदनशील कृषि उत्पादों जैसे क्षेत्रों को बहिष्करण सूची में रखा गया है।

इस एग्रीमेंट के अंतर्गत, घरेलू ग्राहकों को हाई क्वालिटी वाले स्विस प्रोडक्ट्स, जैसे घड़ियां, चॉकलेट, बिस्कुट कम कम कीमतों पर उपलब्ध होंगे क्योंकि भारत ट्रेड एग्रीमेंट के अंतर्गत इन वस्तुओं पर टैरिफ को 10 सालों में चरणबद्ध तरीके से समाप्त कर देगा।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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