
बजट 2026, (डिजाइन फोटो- AI)
Artificial Intelligence In Budget 2026: जैसे-जैसे फरवरी 2026 का बजट सत्र करीब आ रहा है, पूरे टेक जगत की निगाहें वित्त मंत्री के पिटारे पर टिकी हैं। सरकार की हालिया घोषणाओं और नीतिगत संकेतों से यह स्पष्ट है कि आगामी केंद्रीय बजट 2026-27 में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर ऐतिहासिक आवंटन हो सकता है। सरकार का लक्ष्य भारत को महज ‘एआई उपभोक्ता’ नहीं, बल्कि ‘ग्लोबल एआई हब’ बनाना है।
केंद्र सरकार ने पहले ही ₹10,371.92 करोड़ के आउटल-ले के साथ ‘इंडिया एआई मिशन’ (IndiaAI Mission) को मंजूरी दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि बजट 2026 में इस मिशन के दूसरे चरण (2.0) की घोषणा हो सकती है। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य स्टार्टअप्स को कंप्यूटिंग पावर (GPUs) प्रदान करना और स्वदेशी ‘फाउंडेशनल मॉडल्स’ (LMMs) तैयार करना है।
एआई की ट्रेनिंग के लिए भारी कंप्यूटिंग शक्ति की आवश्यकता होती है। रिपोर्टों के अनुसार, सरकार 38,000 से अधिक GPUs की तैनाती और डेटा केंद्रों के बुनियादी ढांचे के लिए विशेष प्रोत्साहन (Tax Holidays) दे सकती है। हाल ही में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संकेत दिया है कि सरकार 10 लाख युवाओं को एआई और रोबोटिक्स में प्रशिक्षित करने के लिए एक मेगा स्किलिंग प्रोग्राम शुरू कर रही है। बजट में इसके लिए एक बड़ा हिस्सा आवंटित होने की संभावना है।
इसके अलावा ऐसी उम्मीद है कि बजट में कृषि (फसल भविष्यवाणी) और स्वास्थ्य सेवा (एआई-आधारित निदान) जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में एआई समाधान विकसित करने के लिए विशेष फंड की घोषणा होगी। भारत फरवरी 2026 में ‘ग्लोबल एआई इम्पैक्ट समिट’ की मेजबानी करने जा रहा है। बजट में इस वैश्विक आयोजन और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए रणनीतिक घोषणाएं की जा सकती हैं।
यह भी पढ़ें:Budget 2026: छोटे शहरों के लिए UDAN योजना का विस्तार, क्या इस बजट में होगा कुछ खास?
एक अनुमान के अनुसार, एआई को अपनाने से 2035 तक भारत की जीडीपी में 1.7 ट्रिलियन डॉलर का इजाफा हो सकता है। सरकार इसे केवल तकनीक के रूप में नहीं, बल्कि आर्थिक विकास के ‘इंजन’ के रूप में देख रही है। बजट 2026 में सरकार का फोकस Make AI in India और Make AI Work for India पर रहेगा। यदि प्रस्तावित नीतियां और फंड सही दिशा में जाते हैं, तो भारत जल्द ही दुनिया की ‘एआई फैक्ट्री’ के रूप में उभर सकता है।






