
बजट 2026 को लेकर क्या हैं आम आदमी की उम्मीदें? (सोर्स-डिज़ाइन)
Union Budget 2026 Expectations: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2026 को संसद में केंद्रीय बजट पेश करेंगी जिसे लेकर देश भर में भारी उत्साह देखा जा रहा है। इस बार केंद्रीय बजट 2026 से नौकरीपेशा वर्ग से लेकर किसानों और छात्रों तक सभी की अपनी-अपनी बड़ी मांगें शामिल हैं। आम आदमी चाहता है कि सरकार महंगाई पर लगाम लगाए और टैक्स के बोझ को कम करके आर्थिक स्थिति में सुधार के ठोस कदम उठाए। अर्थशास्त्रियों का मानना है कि बजट 2026 कर राहत के जरिए सरकार मध्यम वर्ग को बड़ी सौगात दे सकती है।
नौकरीपेशा लोगों की सबसे बड़ी मांग इनकम टैक्स स्लैब के दायरे को बढ़ाने और टैक्स के बोझ को काफी कम करने की है। यह वर्ग चाहता है कि स्टैंडर्ड डिडक्शन को वर्तमान सीमा से बढ़ाकर 1 लाख रुपये किया जाए ताकि उनके पास खर्च के लिए अधिक बचत हो। साथ ही धारा 80C और 80D के तहत निवेश और हेल्थ इंश्योरेंस पर मिलने वाली कटौती की सीमा बढ़ाने की मांग की गई है।
किसानों की प्राथमिकता खेती की लागत कम करने और पीएम किसान सम्मान निधि की राशि को सालाना 12 हजार रुपये करने की है। वे चाहते हैं कि कृषि में उपयोग होने वाले डीजल और खाद के दाम घटाए जाएं और बिजली की दरें भी काफी सस्ती की जाएं। इन उपायों से खेती को मुनाफे का सौदा बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने में काफी मदद मिल सकती है।
मध्यम वर्ग के लिए रसोई का बजट और दैनिक खर्च सबसे बड़ी चिंता है इसलिए वे एलपीजी और ईंधन की कीमतें घटाने की मांग कर रहे हैं। आम जरूरत की चीजें जैसे राशन, सब्जी और खाद्य तेल को सस्ता करने के लिए सरकार से ठोस कदम उठाने की अपेक्षा की गई है। मिडिल क्लास चाहता है कि नए रोजगार के अवसर पैदा हों ताकि परिवारों की आय में वृद्धि हो और जीवन स्तर बेहतर हो सके।
देश के छात्र एजुकेशन लोन पर ब्याज दरों में कटौती और हायर एजुकेशन की फीस को काफी कम करने की पुरजोर मांग कर रहे हैं। वे लैपटॉप और कंप्यूटर के दाम घटाने के साथ-साथ ई-बुक्स पर GST कम करने की मांग कर रहे हैं ताकि शिक्षा सुलभ हो। डिजिटल साक्षरता के लिए विशेष नीति बनाने की उम्मीद भी जताई जा रही है ताकि डिजिटल इंडिया का सपना हर छात्र तक पहुंचे।
वरिष्ठ नागरिकों की मुख्य मांग FD पर मिलने वाली ब्याज दरों को बढ़ाने और इनकम टैक्स छूट की सीमा को और विस्तार देने की है। वे बढ़ते चिकित्सा खर्चों पर अधिक टैक्स कटौती और एक राष्ट्रीय स्तर की सामाजिक पेंशन योजना की मांग सरकार से कर रहे हैं। बुढ़ापे में सम्मानजनक जीवन जीने के लिए सेवानिवृत्ति के बाद की वित्तीय सुरक्षा इस वर्ग के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता बनी हुई है।
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अर्थशास्त्रियों के अनुसार बजट 2026 में रक्षा, बुनियादी ढांचा, बिजली क्षेत्र और किफायती आवास के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सरकार सामाजिक कल्याण और वित्तीय अनुशासन के बीच संतुलन बनाए रखने की कोशिश करेगी ताकि अर्थव्यवस्था को सही गति मिल सके। पूंजीगत खर्च यानी कैपेक्स पर जोर रहने की उम्मीद है जिससे देश के इंफ्रास्ट्रक्चर को नई मजबूती और बेहतर दिशा मिल सकती है।






