
किसान क्रेडिट कार्ड (सोर्स-सोशल मीडिया)
Kisan Credit Card Limit Budget 2026 Expectations: भारत के कृषि क्षेत्र के लिए 1 फरवरी 2026 को पेश होने वाला केंद्रीय बजट अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेष रूप से किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) की ऋण सीमा को 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख करने की चर्चाएं जोरों पर हैं। बढ़ती कृषि लागत और आधुनिक खेती के उपकरणों की जरूरत को देखते हुए, अन्नदाता इस बार वित्त मंत्री से बड़ी घोषणा की उम्मीद कर रहे हैं। हालांकि सरकार ने पिछले बजट सत्रों में इस दिशा में संकेत दिए थे, लेकिन इस बार के बजट में इसके आधिकारिक क्रियान्वयन और नई ब्याज दरों पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
किसान क्रेडिट कार्ड की वर्तमान सीमा 3 लाख है, जिस पर किसानों को रियायती दरों पर ऋण मिलता है। बजट 2026 से पर यह कयास लगाए जा रहे हैं कि सरकार इसे बढ़ाकर 5 लाख कर सकती है। अगर यह सीमा बढ़ती है, तो छोटे और सीमांत किसानों को बीज, खाद और कीटनाशकों के साथ-साथ नई तकनीक अपनाने के लिए अधिक नकदी उपलब्ध होगी।
वर्तमान में KCC पर 7% की ब्याज दर लागू है, लेकिन समय पर भुगतान करने वाले किसानों को 3% की अतिरिक्त छूट मिलती है, जिससे प्रभावी दर 4% रह जाती है। ऋण सीमा 5 लाख होने पर यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या सरकार इस 4% की रियायती दर को पूरी राशि पर बरकरार रखती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नकदी का प्रवाह बढ़ेगा और किसानों की साहूकारों पर निर्भरता कम होगी।
बजट 2026 में बिना किसी गारंटी (Collateral-free) के मिलने वाले ऋण की सीमा में भी बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। वर्तमान में यह सीमा 1.60 लाख से बढ़ाकर 2 लाख की जा चुकी है, लेकिन किसान संगठनों की मांग है कि इसे और अधिक लचीला बनाया जाए। इससे पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन से जुड़े किसानों को सीधे तौर पर लाभ पहुंचेगा और उन्हें बैंक प्रक्रियाओं में कम जटिलताओं का सामना करना पड़ेगा।
सरकार अब ‘डिजिटल किसान कार्ड’ के माध्यम से KCC को और अधिक आधुनिक बनाने पर जोर दे रही है। बजट 2026 में इस डिजिटल पहल के लिए विशेष फंड आवंटित किया जा सकता है, जिससे लोन की मंजूरी और वितरण प्रक्रिया पूरी तरह पेपरलेस हो जाएगी। डिजिटल रिकॉर्ड होने से बैंकों के लिए किसानों की साख (Creditworthiness) का आकलन करना आसान होगा, जिससे लोन मिलने में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा।
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किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए केसीसी ऋण सीमा में विस्तार एक बड़ा कदम साबित हो सकता है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट भाषण में यह देखना होगा कि राजकोषीय घाटे को संतुलित करते हुए सरकार किसानों को यह ‘रिटर्न गिफ्ट’ देती है या नहीं। अगर यह प्रस्ताव पास होता है, तो देश के लगभग 7.5 करोड़ से अधिक KCC धारकों के लिए खेती की राह काफी आसान और मुनाफे वाली हो जाएगी।






