चिली की माइनिंग टीम आएगी भारत, हिंदुस्तान कॉपर की यूनिट्स का करेगी दौरा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चिली दौरे के समय राष्ट्रपति गेब्रियल बोरिक फॉन्ट की उपस्थिति में एचसीएल और कोडेल्को ने एमओयू पर साइन किया था। जिसके बाद अब चिली की माइनिंग एक्सपर्ट्स टीम भारत आएगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चिली दौरे के समय चिली के राष्ट्रपति गेब्रियल बोरिक फॉन्ट की उपस्थिति में एचसीएल और कोडेल्को ने एमओयू पर साइन किया था। जिसके बाद अब चिली की माइनिंग एक्सपर्ट्स की एक टीम भारत आने वाली हैं।
हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड (सौ. सोशल मीडिया )
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नई दिल्ली : पब्लिक सेक्टर की कंपनी हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड यानी एचसीएल को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही हैं। सोमवार को कंपनी ने बयान दिया है कि चिली के माइनिंग एक्सपर्ट्स की एक टीम अगले 3 हफ्तों में एचसीएल की अलग-अलग यूनिट्स का दौरा करने वाले हैं। इसके अलावा, माइनिंग एंड ऑपरेशन पहलुओं का आकलन कर सकता है और जानकारी साझा करने और वैल्यू एडिशन के अवसरों का पता लगा सकता है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और चिली के राष्ट्रपति गेब्रियल बोरिक फॉन्ट की उपस्थिति में एचसीएल और कोडेल्को ने अप्रैल में समझौता ज्ञापन यानी एमओयू पर साइन किए गए थे। पब्लिक सेक्टर की कंपनी ने कहा है कि एचसीएल के कर्मचारियों ने आज सुबह नई दिल्ली में चिली की सरकारी स्वामित्व वाली तांबा खनन कंपनी कोडेल्को यानी कॉरपोरेशन नैशनल डेल कोबरे के प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया।

भारत में अपनी तरह की पहले दौरे पर आए चिली की प्रमुख तांबा कंपनी के विशेषज्ञ विभिन्न खनन एवं परिचालन पहलुओं का आकलन करने के लिए देशभर में एचसीएल की सभी इकाइयों तथा कार्यालयों का दौरा करेंगे।

यह समझौता अन्वेषण, खनन और खनिज संवर्धन के साथ-साथ कर्मचारी प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण को सुविधाजनक बनाने के लिए जानकारी और सर्वोत्तम व्यवहार को साझा करने पर केंद्रित है। खान मंत्री जी किशन रेड्डी ने इससे पहले तांबा, लिथियम और अन्य महत्वपूर्ण खनिजों में चिली के साथ मदद करने में मजबूती देने के लिए भारत की प्रतिबद्धता पर जोर दिया था। साथ ही भारत के इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट एवं सतत ऊर्जा बदलाव में इन खनिजों के बढ़ते महत्व का उल्लेख किया था।

तांबा तथा लिथियम उत्पादन में ग्लोबल लीडर होने के नाते चिली, ‘ग्रीनफील्ड' और ‘ब्राउनफील्ड' खनन परियोजनाओं के माध्यम से इन खनिजों तक पहुंच सुनिश्चित करने की इच्छुक भारतीय कंपनियों को महत्वपूर्ण अवसर मुहैया कराता है।

‘ग्रीनफील्ड' खनन एक ऐसा प्रोजेक्ट को संदर्भित करता है जहां बिल्कुल नए सिरे से खनन कार्य शुरू किया जाता है। ‘ब्राउनफील्ड' खनन उन परियोजनाओं से संबंधित है जहां पहले से मौजूद खनन स्थलों या आसपास के क्षेत्रों में डेवलपमेंट, विस्तार, या रीयूज किया जाता है।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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