Indore Millionaire Bagger: इंदौर में भिक्षावृत्ति उन्मूलन अभियान के तहत महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम ने शनिवार को ऐसे भिक्षुक का रेस्क्यू किया, जिसने हर किसी को चौंका दिया। सराफा क्षेत्र में वर्षों से भीख मांगने वाला भिक्षुक मांगीलाल हकीकत में करोड़ों की संपत्ति का मालिक निकला। लकड़ी की फिसलने वाली गाड़ी, पीठ पर बैग और हाथ में जूते के सहारे सराफा बाजार की सड़कों पर घूम-घूमकर भिक्षा मांगने वाला मांगीलाल लोगों की सहानुभूति का फायदा उठाकर रोजाना सैकड़ों रुपये कमा रहा था। मांगीलाल के अनुसार, रोजाना लोगों से पांच सौ से एक हजार रुपये मिल जाते थे, लेकिन इससे कई गुना अधिक उसकी रोजाना की कमाई होने का अनुमान लगाया जा रहा है। भिक्षावृत्ति से मिलने वाले रुपये वह सराफा क्षेत्र में ही कुछ व्यापारियों को ब्याज पर भी देता था। दरअसल, इंदौर को भिक्षुक मुक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए रेस्क्यू दल गठित किए हैं। इन दलों ने शनिवार को सराफा क्षेत्र में भिक्षावृत्ति करने वाले मांगीलाल का रेस्क्यू किया।
Indore Millionaire Bagger: इंदौर में भिक्षावृत्ति उन्मूलन अभियान के तहत महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम ने शनिवार को ऐसे भिक्षुक का रेस्क्यू किया, जिसने हर किसी को चौंका दिया। सराफा क्षेत्र में वर्षों से भीख मांगने वाला भिक्षुक मांगीलाल हकीकत में करोड़ों की संपत्ति का मालिक निकला। लकड़ी की फिसलने वाली गाड़ी, पीठ पर बैग और हाथ में जूते के सहारे सराफा बाजार की सड़कों पर घूम-घूमकर भिक्षा मांगने वाला मांगीलाल लोगों की सहानुभूति का फायदा उठाकर रोजाना सैकड़ों रुपये कमा रहा था। मांगीलाल के अनुसार, रोजाना लोगों से पांच सौ से एक हजार रुपये मिल जाते थे, लेकिन इससे कई गुना अधिक उसकी रोजाना की कमाई होने का अनुमान लगाया जा रहा है। भिक्षावृत्ति से मिलने वाले रुपये वह सराफा क्षेत्र में ही कुछ व्यापारियों को ब्याज पर भी देता था। दरअसल, इंदौर को भिक्षुक मुक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए रेस्क्यू दल गठित किए हैं। इन दलों ने शनिवार को सराफा क्षेत्र में भिक्षावृत्ति करने वाले मांगीलाल का रेस्क्यू किया।






