
Car Ban in Delhi (Source. Freepik)
Vehicle Restrictions Delhi: दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण ने लोगों की सांसें मुश्किल कर दी हैं। हवा की गुणवत्ता खतरनाक श्रेणी में पहुंचने के बाद राजधानी में GRAP-3 लागू कर दिया गया है। इसके साथ ही सड़कों पर गाड़ियों की आवाजाही को लेकर सख्त प्रतिबंध लगाए गए हैं, ताकि प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सके। ऐसे में आम लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि दिल्ली में कौन-सी गाड़ियां चलेंगी और किन पर रोक लगा दी गई है।
अगर आपके पास BS-3 मॉडल की कार है, तो आप उसे दिल्ली-एनसीआर में नहीं चला सकते। इसके अलावा BS-IV डीजल कारों के सड़कों पर चलने पर भी पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है। यह नियम सभी वाहन मालिकों पर समान रूप से लागू होता है, चाहे गाड़ी का रजिस्ट्रेशन दिल्ली का हो या किसी दूसरे राज्य का।
राजधानी दिल्ली में BS-VI और BS-IV पेट्रोल कारों को चलाने की अनुमति दी गई है। चाहे ये गाड़ियां दिल्ली की हों या बाहर की, इन पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। इसके साथ ही इलेक्ट्रिक और CNG गाड़ियों पर भी कोई रोक नहीं है। हालांकि, वाहन चलाते समय वैध PUC सर्टिफिकेट होना अनिवार्य है। बिना PUC के गाड़ी चलाना नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। पेट्रोल पंपों को भी साफ निर्देश दिए गए हैं कि जिन गाड़ियों पर प्रतिबंध है, उन्हें ईंधन न दिया जाए।
GRAP-4 तभी लागू किया जाता है, जब हवा का प्रदूषण बेहद गंभीर स्तर पर पहुंच जाता है और यह सीधे तौर पर पब्लिक हेल्थ के लिए खतरा बन जाता है। इस स्थिति में सामान्य उपाय नाकाफी साबित होते हैं। ऐसे में गाड़ियों, निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल और औद्योगिक उत्सर्जन जैसे प्रदूषण के स्रोतों को तुरंत कम करने के लिए आपातकालीन पाबंदियां लगाई जाती हैं।
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एनफोर्समेंट एजेंसियों को मौके पर ही सख्त कार्रवाई करने का अधिकार दिया गया है। GRAP-4 या GRAP-3 के नियमों का उल्लंघन करने वाली गाड़ियां, खासकर निर्माण सामग्री ले जाने वाले ट्रक या अवैध रूप से दिल्ली में प्रवेश करने वाले वाहन, तुरंत जब्त किए जा सकते हैं। ऐसे में वाहन चालकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
दिल्ली में प्रदूषण से राहत पाने के लिए नियमों का पालन बेहद जरूरी है। घर से निकलने से पहले यह जरूर जांच लें कि आपकी गाड़ी प्रतिबंधित श्रेणी में तो नहीं आती, ताकि चालान और कार्रवाई से बचा जा सके।






