
कॉन्सेप्ट फोटो (सोर्स: सोशल मीडिया)
Nashik Election Expense Extortion: महाराष्ट्र के नासिक में चुनावी रंजिश ने कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ा दी हैं। प्रभाग क्रमांक 18 में हार से तिलमिलाए शिंदे गुट के पदाधिकारी पवन पवार और उसके साथियों पर विजयी भाजपा उम्मीदवार के घर में डकैती डालने और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के प्रत्याशी से फिरौती मांगने के गंभीर आरोप लगे हैं।
नासिक महानगपालिका चुनाव के परिणाम आते ही वार्ड संख्या 18 में दहशत फैल गई। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, शिंदे गुट की उम्मीदवार आशा चंद्रकांत पवार की हार से बौखलाए उनके बेटों पवन और विशाल पवार ने अपने गुर्गों के साथ मिलकर राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाना शुरू कर दिया। चुनावी खर्च की भरपाई करने के लिए इन लोगों ने जबरन वसूली का रास्ता अपनाया है।
सबसे सनसनीखेज मामला भाजपा के विजयी उम्मीदवार शरद भोरे के घर से सामने आया। शिकायतकर्ता गीता चिंतामण मोरे के अनुसार, शुक्रवार शाम यश गरुड़, दीपक सदाकले और विजय सिंह उर्फ ‘शिंग्या’ समेत करीब 17 हमलावर घर में घुस आए। आरोपियों ने पवन और विशाल पवार के निर्देश पर शरद मोरे के साथ बेरहमी से मारपीट की।
हमलावरों ने चुनाव में हुए नुकसान की भरपाई के लिए 50 लाख रुपये की मांग की। जब परिवार की महिलाओं ने बीच-बचाव की कोशिश की, तो उन पर भी धारदार हथियारों से हमला किया गया। इस दौरान हमलावर गीता मोरे के गले से सोने का हार लूटकर फरार हो गए।
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गुंडागर्दी का सिलसिला यहीं नहीं रुका। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के उम्मीदवार रोहित ने भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पवन पवार के करीबी गुर्गे विजय सिंह उर्फ ‘शिंग्या’ ने उनसे संपर्क किया और जान से मारने की धमकी देकर 3 लाख रुपये की रंगदारी मांगी।
नासिकरोड पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए पवन पवार, विशाल पवार और उनके 15 से 17 अन्य साथियों के खिलाफ डकैती, रंगदारी और मारपीट की विभिन्न धाराओं के तहत दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं। फिलहाल मुख्य आरोपी फरार बताए जा रहे हैं।
इस घटना के बाद से पूरे नासिकरोड इलाके में तनाव का माहौल है। स्थानीय नागरिकों में भारी रोष है और पुलिस ने क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है। राजनीतिक गलियारों में इस घटना की कड़ी निंदा की जा रही है, क्योंकि सत्ताधारी दल के पदाधिकारी पर ही डकैती और फिरौती जैसे संगीन आरोप लगे हैं।






