
मुंबई न्यूज (सौ. सोशल मीडिया )
50 Year Case Closes: मुंबई की एक अदालत ने 7.65 रुपये की चोरी के लगभग 50 साल पहले के एक मामले को बंद कर दिया है। वर्ष 1977 के इस अनसुलझे मामले में दो अज्ञात आरोपी और एक शिकायतकर्ता शामिल थे, जो दशकों तक पुलिस की तलाशी के बावजूद लापता रहे।
यह फैसला दशकों पुराने मामलों में हाल के फैसलों में से एक है जो लंबे समय से ठंडे बस्ते में पड़े हैं। मझगांव अदालत ने पुराने मामलों के निपटारे के अपने प्रयास के तहत मामले को बंद कर दिया, जिसके आरोपियों की या तो मृत्यु हो चुकी है, अज्ञात हैं या उनका पता नहीं लगाया जा सका है।
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इसी तरह, 30 साल पुराने एक मामले में एक मजिस्ट्रेट अदालत ने भारतीय पासपोर्ट अधिनियम और विदेशी अधिनियम के तहत मामले के एक आरोपी को यह कहते हुए बरी कर दिया कि 1995 में आरोप पत्र दाखिल किये जाने के बाद से वह लापता है। वर्ष 2003 में लापरवाही से वाहन चलाने के एक मामले में भी मजिस्ट्रेट की अदालत में ऐसा ही हाल हुआ, क्योंकि पुलिस रिपोर्ट ने इसकी पुष्टि की कि ना केवल आरोपी, बल्कि मूल सूचना देने वाला और सभी गवाह भी अब लापता हैं। आरोपी के खिलाफ धारा 279 और 338 के तहत मामला दर्ज किया गया था।






